‘शीश महल’ जनता के साथ विश्वासघात, मंत्री प्रवेश ने सदन में पेश किया खर्चों का प्रिंटिंग पेपर रोल

नई दिल्ली, 25 मार्च । दिल्ली विधानसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कैग रिपोर्ट का हवाला देते हुए तथाकथित “शीश महल” के निर्माण को लेकर पिछली आम आदमी पार्टी (आआपा) सरकार पर जनता के साथ विश्वासघात का आरोप लगाया। उन्होंने सदन में याद दिलाया कि शुरुआत में सादगी का वादा किया गया था..न सरकारी बंगला, न गाड़ी, न सुरक्षा, लेकिन सत्ता में आने के सिर्फ 20 दिनों के भीतर फ्लैगस्टाफ रोड का बंगला आवंटित कर लिया गया। 20 दिन के भीतर ही दिल्ली की जनता को गुमराह किया गया। सादगी का वादा, विलासिता में बदल गया।

मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कोविड काल के दौरान जनता की पीड़ा और इस निर्माण के बीच स्पष्ट अंतर बताया। उन्होंने कहा कि जब दिल्ली में लोग ऑक्सीजन के लिए भटक रहे थे, अस्पतालों के चक्कर लगा रहे थे, तब मुख्यमंत्री की महल की एक ही फाइल अति आवश्यक’ थी। उन्होंने बताया कि 11 वर्षों में पानी, सीवर, प्रदूषण या कोविड से जुड़ी किसी भी फाइल को यह प्राथमिकता नहीं दी गई।

उन्होंने कहा कि न ऑक्सीजन के लिए, न आईसीयू के लिए, न जान बचाने के लिए—सिर्फ महल के लिए अति आवश्यक’ लिखा गया।

मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा कोविड के लिए 787.91 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन उसका पूरा उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि जान बचाने के लिए मिला पैसा पूरा खर्च नहीं हुआ, लेकिन एक बंगले की लागत 7 करोड़ से बढ़कर 58 करोड़ हो गई।

मंत्री प्रवेश साहिब ने आज सदन में एक लंबी प्रिंटिंग पेपर रोल सदन में दिखाई, जिसमें खर्चों की पूरी सूची थी, जैसे-जैसे वह रोल खुलती गई, वैसे-वैसे खर्चों का दायरा सामने आता गया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक लिस्ट नहीं है, यह गलत प्राथमिकताओं का रिकॉर्ड है। कागज भी खत्म नहीं हो रहा था और खर्च भी नहीं। इस लिस्ट में महंगे फर्नीचर, आयातित फिटिंग्स, करोड़ों के परदे, झूमर, जिम उपकरण, कई टीवी, डिजाइनर इंटीरियर, मिनी बार और बारबेक्यू यूनिट शामिल थे। उन्होंने कहा कि जब जनता अस्पताल के बेड मांग रही थी, तब महल में एक-एक करके ऐशो-आराम जोड़े जा रहे थे। ,” उन्होंने कहा।

मंत्री ने कहा कि इस परियोजना के लिए कई संरचनाओं को तोड़ा गया और 28 पेड़ बिना अनुमति काटे गए। उन्होंने कहा कि एक भी पेड़ काटने की अनुमति नहीं ली गई।