हरियाणा की मंडियों में किसानों की समस्याएं जानेंगे कांग्रेस विधायक : भूपेंद्र सिंह हुड्डा

चंडीगढ़, 03 अप्रैल । हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि मंडियों में खरीद शुरू तो हुई है लेकिन, किसान को परेशानी के सिवा कुछ नहीं मिल रहा। ट्रैक्टर पर बड़ी नंबर प्लेट, बायोमेट्रिक, गेट पास, 3 गारंटर जैसी ऐसी-ऐसी शर्तें लगाई जा रही है कि किसान किसान परेशान होकर मंडी के बाहर ही फसल बेचकर चला जाए।

शुक्रवार को चंडीगढ़ आवास पर पत्रकारों से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि यह एक और घोटाला होने जा रहा है। हर आदमी के पास टैक्टर तो है नहीं। सरकार द्वारा ऐसी शर्तें लगायी जा रही है कि किसान औने-पौने भाव में फसल बेचने को मजबूर हो रहा है। हरियाणा सरकार किसान को कैदी बनाने की तैयारी कर रही है। हुड्डा ने कहा कि हम किसान के साथ खड़े हैं और डटकर सरकार का विरोध करेंगे। शनिवार से वह स्वयं और पार्टी के अन्य पदाधिकारी, विधायक अपने-अपने हलकों में पड़ने वाली मंडियों का दौरा शुरु करके जमीनी हकीकत देखेंगे।

हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय किसानों को एमएसपी मिलता था लेकिन भाजपा सरकार में किसान को कभी पूरा एमएसपी नहीं मिलता। अबकी फसल भी कम हुई है। किसानों को ओलावृष्टि, बारिश से भारी नुकसान हुआ है। सरकार ने न तो स्पेशल गिरदावरी कराई न मुआवजा दिया न ही कोई बोनस देने की बात की। उन्होंने मांग करी कि सरकार को तुरंत गेहूं पर बोनस देना चाहिए और फसल खराबे का मुआवजा देना चाहिए और मंडियों में पूरी तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने मांग करी कि मंडियों में जो अड़चने लगायी गयी है उसे खत्म करना चाहिए।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंडियों में अव्यवस्था की ओर भी सरकार का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि मंडियों में ना बारदाना है, ना तिरपाल. ना लेबर, ना किसानों के लिये कोई सहूलियत और ना ही अबतक कई जगह ट्रांसपोर्ट के टेंडर हुए हैं। ऐसे में जो फसल आएगी वो मंडियों में ही पड़ी रहेगी और उसका उठान नहीं होगा। और जबतक उठान नहीं होगा, तबतक किसानों की पेमेंट नहीं होगी। सरकार ऐसे हालात पैदा कर रही है कि किसान मंडी में न आए और बाहर ही औने-पौने दाम पर अपनी फसल बेचकर चला जाए।