नई दिल्ली, 09 अप्रैल । दिल्ली उच्च न्यायालय ने फिल्म धुरंधर-2 के गाने रंग दे लाल (ओय ओय) के कॉपीराइट विवाद को मध्यस्थता के लिए रेफर कर दिया है। जस्टिस तुषार राव गडेला की बेंच ने कहा कि मामला वित्तीय प्रकृति का है, इसलिए पक्षकार मध्यस्थता के जरिये आपस में बात कर रॉयल्टी और मुआवजे से जुड़े मामले का हल करें।
त्रिमूर्ति फिल्म्स ने दायर याचिका में आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस पर आरोप लगाया है कि धुरंधर-2 के गाना रंग दे लाल (ओय ओय) में तिरछी टोपीवाले के म्यूजिक का अनाधिकृत रुप से इस्तेमाल किया गया है। तिरछी टोपीवाले 1989 में रिलीज सनी देयोल की फिल्म त्रिदेव का मशहूर गाना है। इस गाने के रचयिता आनंद-मिलिंद और संगीत आनंद बख्शी ने दिया है। याचिका में दावा किया गया है कि इस गाने का कॉपीराइट अधिकार त्रिमूर्ति फिल्म्स के पास है।
याचिका में कहा गया है कि इस म्यूजिक पर त्रिमूर्ति फिल्म्स का कॉपीराइट है। इस म्यूजिक का इस्तेमाल कर आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस ने कॉपीराइट अधिकारों का उल्लंघन किया है। इसके अलावा आदित्य धर के प्रोडक्शन हाउस ने इस म्यूजिक का इस्तेमाल थियेटर में किया जो व्यावसायिक शोषण की श्रेणी में आता है। सुनवाई के दौरान त्रिमूर्ति फिल्म्स की ओर से पेश वकील स्वाति सुकुमार ने कहा कि ये कॉपीराइट के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। सुनवाई के दौरान रंग दे लाल गाने के आडियो राइट हासिल करने वाले सुपर कैसेट्स की ओर से पेश वकील अखिल सिब्बल ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि त्रिदेव फिल्म के इस गाने का म्यूजिक दूसरी फिल्मों में भी इस्तेमाल किया गया है। सुनवाई के दौरान धुरंधर फिल्म के निर्माता की ओर से पेश वकील रवि प्रकाश ने कहा कि फिल्म रिलीज हो चुकी है और मई के मध्य तक इसके ओटीटी प्लेटफार्म पर उपलब्ध होने की कोई संभावना नहीं है।