मंडी, 06 मई । मंडी में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जहां मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू चुनाव प्रचार के लिए गए थे वहां कांग्रेस के एक प्रत्याशी को मात्र 650 वोट मिले हैं और उसकी जमानत भी जब्त हो गई है। इससे अब यह साबित हो गया है कि मुख्यमंत्री सुक्खू जहां-जहां भी प्रचार के लिए जाते हैं वहां-वहां कांग्रेस की हार ही होती है।
मंडी में मंगलवार शाम काे पार्टी के चुनाव कार्यालयों का उदघाटन करने के बाद मीडिया से बातचीत में जयराम ठाकुर ने कहा कि अब प्रदेश के साथ ही देश भर की जनता भी यह जान चुकी है कि सीएम सुक्खू सिर्फ झूठ बोलते हैं। इसलिए उनकी बातों और बहकावों में कोई नहीं आता।
जयराम ठाकुर ने कहा कि जिस ईवीएम के दम पर हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी आज उसी ईवीएम को बाकी राज्यों में हार का कारण बताया जा रहा है। सीएम सुक्खू और कांग्रेस पार्टी का यही रवैया हो गया है कि जहां-जहां हार मिले वहां-वहां हार का ठीकरा ईवीएम पर फोड़ दो। देश भर में ईवीएम के माध्यम से एक बार नहीं अनेकों बार चुनाव हुए हैं और सभी चुनावों को संपन्न करवाया गया है। इसमें खुद कांग्रेस की सरकारें कई राज्यों में बनी हैं। लेकिन हार के समय ईवीएम पर दोष देना सही नहीं है।
पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ने पुलिस भर्ती पेपर लीक मामले में वर्तमान कांग्रेस सरकार को घेरते हुए कहा कि आखिर मुख्यमंत्री कि ऐसी क्या मजबूरी है कि सीबीआई की जांच रिपोर्ट आने के बाद भी दोषी पुलिस अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बल्कि उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू उन्हें रिवॉर्ड देते जा रहे हैं और कुछ को प्रमोशन तक दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि हमारे समय में जब मुझे पुलिस भर्ती के पेपर लीक की जानकारी मिली थी तो उसी दिन मैंने एस.आई.टी. गठित की और परीक्षा रद्द करवा दी थी। जब मेरे ध्यान में आया कि इसमें जांच करने वाले पुलिस अधिकारी ही संलिप्त पुलिस अधिकारियों की जांच करेंगे तो मैंने मामला सीबीआई को दे दिया था। जबकि मेरी जानकारी है कि 2024 में ही ये रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें सीबीआई ने संलिप्त पुलिस अधिकारियों के खिलाफ़ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। लेकिन दुर्भाग्यवश ये सरकार उन्हें संरक्षण प्रदान कर कार्रवाई नहीं कर रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से पूछा है कि आखिर वो कार्रवाई कब करेंगे और क्या मुख्यमंत्री ये बताने का साहस कर पाएंगे कि आखिर उस रिपोर्ट में क्या लिखा है। उन्होंने कहा कि सुक्खू सरकार को इस मामले में अपना पक्ष स्पष्ट कर देना चाहिए और जो दोषी हैं उनके खिलाफ कार्रवाई कर कानून के रास्ते में अड़चन पैदा नहीं करनी चाहिए।