नई दिल्ली, 07 मई । दुनिया की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में वॉलमार्ट ग्रोथ समिट के दूसरे संस्करण इंडिया 2026 का आयोजन किया। वॉलमार्ट ने इस आयोजन के जरिए निर्यात के लिए तैयार उद्यमों, एमएसएमई, डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स, डी2सी विक्रेताओं और सप्लाई चेन भागीदारों को एक मंच पर लाया, ताकि वे देश और विदेश दोनों बाजारों में विकास के नए अवसरों को तलाश सकें।
वॉलमार्ट इंक के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) जॉन फर्नर ने कहा, ‘आज के वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारत सबसे ज्यादा गतिशील अवसरों का प्रतिनिधित्व करता है। हमने अब तक भारत से 40 अरब डॉलर से ज्यादा के उत्पादों की सोर्सिंग की है और उद्यमियों को मजबूत करने एवं सप्लायर्स की क्षमता बढ़ाने, नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने, गुणवत्तापूर्ण मानक स्थापित करने और मैन्यूफैक्चरिंग बढ़ाने पर फोकस कर रहे हैं। इससे भारतीय कंपनियों को निर्यात के लिए तैयार करने में मदद मिली है। इससे व्यापक आर्थिक अवसर बन रहे हैं और इनोवेटिव कंपनियों को वैश्विक बाजारों से जोड़ने का मौका मिल रहा है।’
उन्होंने बताया कि भारत में एमएसएमई के विकास के मामले में उल्लेखनीय पड़ाव पार करते हुए वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम ने आज बताया कि 2019 में अपनी लॉन्चिंग के बाद से अब तक इसने देशभर में 1,15,000 से ज्यादा एमएसएमई को प्रशिक्षित किया है, उन्हें डिजिटल क्षमताओं से लैस किया है, जरूरी कारोबारी कौशल सिखाए हैं और नए बाजारों तक पहुंचने में मदद की है।
जॉन फर्नर ने बताया कि 2028 तक कुल 1,70,000 एमएसएमई का समर्थन करने की योजना के साथ यह प्रोग्राम लगातार ऐसे एमएसएमई को मजबूत कर रहा है, जो नए बाजारों में निर्यात करने की महत्वाकांक्षा रखते हैं। उन्होंने कहा कि 1990 के दशक से अब तक वॉलमार्ट ने पूरे भारत में मजबूत सप्लायर साझेदारियां की हैं। इससे निर्यात के मामले में दीर्घकालिक क्षमता विकसित करने और वैश्विक स्तर पर विनिर्माण हब के रूप में भारत की उभरती छवि में योगदान मिला है।
वॉलमार्ट ने जारी बयान में कहा कि भारत से अब तक 40 अरब डॉलर से अधिक मूल्य के उत्पादों की सोर्सिंग करने और वॉलमार्ट वृद्धि कार्यक्रम के जरिए 1.15 लाख से अधिक उद्यमियों को सशक्त बनाने के बाद, इस समिट में भारत के निर्यात इकोसिस्टम को और मजबूत करने तथा अधिक से अधिक भारतीय व्यवसायों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की वॉलमार्ट की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को प्रमुखता से रेखांकित किया गया।
वॉलमार्ट एवं फ्लिपकार्ट के अधिकारियों ने ग्लोबल सप्लाई चेन में भारतीय कंपनियों की बढ़ती भूमिका पर जोर दिया। साथ ही स्थानीय साझेदारियां बढ़ाने और क्षमता निर्माण के प्रयासों को रेखांकित किया। जयपुर और कोयंबटूर में क्षेत्रीय ग्रोथ समिट आयोजनों के बाद यह शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। भारत सरकार के विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) और फेडरेशन ऑफ इंडिया एक्सपोर्ट ऑर्गनाजेशंस (एफआईईओ) के साथ मिलकर आयोजित इस कार्यक्रम से प्रमुख एमएसएमई क्लस्टर्स में पहुंच मजबूत करने में मदद मिली। आगामी वर्षों में ऐसे और शिखर सम्मेलनों का आयोजन किया जाएगा।
फ्लिपकार्ट ग्रुप के ग्रुप सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने कहा, ‘फ्लिपकार्ट ग्रुप में हमने इस बात को व्यक्तिगत रूप से अनुभव किया है कि कैसे टेक्नोलॉजी और डिजिटल कॉमर्स से पूरे भारत में लाखों छोटे कारोबारियों, उद्यमियों, कारीगरों और स्थानीय समुदायों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। फ्लिपकार्ट समर्थ और वॉलमार्ट वृद्धि जैसी पहलों के माध्यम से हम क्षमता निर्माण करने, बाजार तक पहुंच बेहतर करने और कंपनियों के लिए वैश्विक एवं घरेलू बाजार में विकास के रास्ते खोलने में मदद कर रहे हैं। हम लगातार समावेशी व्यवस्था बनाने और भारत में कॉमर्स इकोसिस्टम को सशक्त करने पर फोकस कर रहे हैं।’
डेडिकेटेड रिसोर्स सेंटर इस शिखर सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहा। यहां प्रतिभागियों को व्यक्तिगत रूप से वॉलमार्ट मार्केटप्लेस से जुड़ने, नियामकीय जरूरतों को समझने और दूसरे देशों में परिचालन को विस्तार देने के बारे में मार्गदर्शन मिला। आयोजन के लिए 5,000 से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया। सेलर्स ने अमेरिका एवं अन्य देशों के ग्राहकों तक पहुंचने के लिए वॉलमार्ट मार्केटप्लेस से जुड़ने में रुचि दिखाई।
वॉलमार्ट मार्केटप्लेस के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट मनीष जुनेजा ने कहा, ‘वैश्विक व्यापार के क्षेत्र में भारत की महत्वाकांक्षाएं लगातार बढ़ रही हैं तथा वॉलमार्ट मार्केटप्लेस को डीपीआईआईटी एवं एफआईईओ जैसे संगठनों के साथ गठजोड़ करने का गर्व है। इससे भारतीय कंपनियों को निर्यात के लिए तैयार करने और दुनियाभर के ग्राहकों से जोड़ने में मदद मिली है।