जयपुर, 08 मई । पशुपालन, गोपालन एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत का जन्मदिन गौ सेवा दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश के सभी पंजीकृत और अपंजीकृत गौशालाओं में एक दिवसीय पशु चिकित्सा और बांझपन निवारण शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य गौवंश के स्वास्थ्य संरक्षण और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ साथ पशुपालकों को विभागीय सेवाओं का लाभ एक स्थान पर उपलब्ध कराना था। इस अवसर पर प्रदेश के 41 जिलों में एक हजार से अधिक शिविरों का आयोजन हुआ।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना ने बताया कि शिविरों के दौरान चिकित्सकों ने गौवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार करने के साथ साथ औषधियों का वितरण किया । साथ ही बांझपन से प्रभावित गौवंशों की जांच कर उन्हें उपचार और कृत्रिम गर्भाधान संबंधी सेवाएं तथा उचित परामर्श भी उपलब्ध करवाया। शिविरों में कुल पंद्रह हजार से अधिक पशुओं का बांझपन के लिए उपचार किया गया। जबकि पैंतीस हजार से अधिक अन्य बीमार पशुओं का परीक्षण एवं उपचार कर आवश्यक औषधियां उपलब्ध करवाई गईं। इसके अतिरिक्त पशुओं को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने के लिए 54 हजार से अधिक पशुओं का एफ एम डी टीकाकरण एवं एक हजार से अधिक पशुओं का बधियाकरण किया गया। पशुओं के स्वास्थ्य संवर्द्धन के लिए 27 हजार से अधिक पशुओं की डस्टिंग तथा 30 हजार से अधिक पशुओं को डोजिंग सेवाएं भी प्रदान की गईं।