डीएवी स्कूल नर्सिंग स्टाफ से यौन उत्पीड़न मामले में फैसला सुरक्षित

रांची, 16 मई । डीएवी कपिलदेव स्कूल के तत्कालीन प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा की ओर से स्कूल के ही नर्सिंग स्टाॅफ से छेड़खानी और यौन उत्पीड़न से संबंधित मामले में रांची सिविल कोर्ट में चल रही ट्रायल पूरी हो गई। इस मामले में अब 21 मई को फैसला आएगा। शनिवार को एजेसी अरविंद कुमार की कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया। बीते दिनों मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी हो गई।

उल्लेखनीय है कि जमानत खारिज होने के बाद डीएवी पब्लिक स्कूल कपिलदेव के पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा ने अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद वे फिर से जेल भेजे गए हैं।

इस मामले के जांच अधिकारी ने जांच पूरी करते हुए 25 जुलाई 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में पीड़िता नर्स ने अरगोड़ा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दरअसल डीएवी कपिलदेव स्कूल के तत्कालीन प्रिंसिपल मनोज कुमार सिन्हा पर मई 2022 में स्कूल की ही एक महिला नर्स के साथ यौन उत्पीड़न और अश्लील डिमांड करने के आरोप में अरगोड़ा थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था और बाद में नवंबर 2022 में उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी। लेकिन पीड़िता ने उन पर जेल से बाहर आने के बाद धमकाने और दबाव देने का आरोप लगाया था और उच्च न्यायालय से उनकी जमानत रद्द करने का आग्रह किया था। उच्च न्यायालय में पीड़िता के इस आग्रह को स्वीकार करते हुए पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा को पूर्व में मिली जमानत रद्द कर दी थी। हालांकि इसके खिलाफ मनोज कुमार सिन्हा ने उच्चतम न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया था। लेकिन उन्हें वहां से भी राहत नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्होंने अदालत में सरेंडर किया था। इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।