पूर्वी सिंहभूम, 17 मई । टाटानगर सहित आसपास के क्षेत्रों में ट्रेनों की लगातार लेटलतीफी को लेकर रेल यात्री संघर्ष समिति का आंदोलन तेज होता जा रहा है। रविवार को साकची गोलचक्कर पर आयोजित हस्ताक्षर अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर रेलवे की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी जाहिर की।
इस दौरान जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने रेलवे प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि शांतिपूर्ण आंदोलन को रेलवे कमजोरी समझ रहा है, तो यह उसकी बड़ी भूल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आंदोलनकारी रेल ट्रैक पर बैठकर भी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
सरयू राय ने कहा कि रेल यात्री संघर्ष समिति की मांगें पूरी तरह जनहित से जुड़ी हुई हैं। यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या ट्रेनों की लगातार देरी है, जबकि रेलवे मालगाड़ियों को प्राथमिकता देकर यात्री ट्रेनों को घंटों रोक रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके आदेश पर यात्री ट्रेनों को रोककर मालगाड़ियों को पहले पास कराया जा रहा है।
विधायक ने यह भी कहा कि देश के कई हिस्सों में रेलवे के आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है, लेकिन टाटानगर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन की लगातार उपेक्षा की जा रही है। इससे यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यक्रम में रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने कहा कि आंदोलन को लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 18 मई को बर्मामाइंस और 19 मई को मानगो में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा, जबकि 24 मई को घाटशिला में बड़े स्तर पर अभियान आयोजित होगा।
शिवशंकर सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग रेलवे की कार्यप्रणाली के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। जरूरत पड़ने पर प्रतिनिधिमंडल रेल मंत्री तक अपनी बात पहुंचाएगा।
कार्यक्रम में कुलविंदर सिंह पन्नू ने कहा कि यात्री ट्रेनों की कीमत पर मालगाड़ियों को प्राथमिकता देना उचित नहीं है। कार्यक्रम के दौरान विधायक सरयू राय सहित अन्य सदस्यों ने राहगीरों के बीच पर्चे बांटे और लोगों से क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी राय दर्ज करने की अपील की।
अभियान के संचालन में नीरज सिंह और सुनील सिंह की सक्रिय भूमिका रही।———–