उज्जैन, 17 मई । मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में स्थित गढ़कालिका मंदिर में रविवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब आरती के दौरान किन्नर अखाड़ा तेलंगाना की पूर्व महामंडलेश्वर और साध्वी काली नंद गिरी और मंदिर के पुजारियों व सुरक्षा गार्डों के बीच तीखी बहस हो गई। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि मंदिर परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, साध्वी काली नंद गिरी दोपहर ठीक 12 बजे होने वाली आरती में शामिल होने के लिए मंदिर पहुंची थीं। साध्वी का आरोप है कि जब वे आरती में शामिल थीं, तब मंदिर प्रबंधन द्वारा उन्हें वहां से हटने और बाहर जाने के लिए कहा गया, जिसे उन्होंने अपना अपमान माना और वे बेहद आक्रोशित हो गईं। वे मंदिर स्टाफ से इस दुर्व्यवहार के लिए तुरंत माफी मांगने की जिद पर अड़ गईं।
बात इतनी बिगड़ गई कि गुस्से में आकर साध्वी ने विरोध जताने के लिए अपनी कार से पेट्रोल निकाला और मंदिर परिसर के भीतर ही खुद पर डालकर आत्मदाह करने की कोशिश की। हालांकि, वहां मौजूद चौकस श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत उन्हें पकड़ लिया और अनहोनी होने से रोक लिया। इस विवाद के चलते सुरक्षा के लिहाज से मंदिर का एक मुख्य गेट श्रद्धालुओं के लिए कुछ देर के लिए बंद करना पड़ा, जबकि दूसरे गेट से दर्शन की व्यवस्था चालू रखी गई। घटना की भनक लगते ही जीवाजीगंज थाना पुलिस तुरंत बल सहित मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस साध्वी को समझा-बुझाकर अपने साथ थाने ले गई।
इस पूरे घटनाक्रम पर मंदिर प्रभारी मूलचंद जाटवा ने मंदिर प्रशासन का पक्ष रखते हुए बताया कि रविवार होने के कारण आरती के समय श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। साध्वी से केवल इतना अनुरोध किया गया था कि वे थोड़ा किनारे होकर खड़ी हो जाएं ताकि लाइन में लगे अन्य भक्तों को भी आसानी से माता रानी के दर्शन हो सकें, लेकिन वे इसी बात पर भड़क गईं। मामले में जीवाजीगंज सीएसपी पुष्पा प्रजापति ने बताया कि गढ़कालिका मंदिर में व्यवस्था को लेकर दोनों पक्षों के बीच गलतफहमी के कारण विवाद हुआ था, जिसे बाद में समझाइश देकर शांत करा लिया गया है और दोनों पक्षों में समझौता हो गया है।
गौरतलब है कि साध्वी काली नंद गिरी का विवादों से पुराना नाता रहा है, कुछ समय पहले किन्नर अखाड़ा की सती माता नंद गिरी ने एक वीडियो जारी कर बताया था कि अखाड़े के नियमों का पालन न करने के कारण काली नंद गिरी को अखाड़े और महामंडलेश्वर पद से बर्खास्त किया जा चुका है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।