शिमला, 28 मई । हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के लिए वीरवार सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया है। प्रदेश की 1276 ग्राम पंचायतों में लोग अपने गांव की नई सरकार चुनने के लिए वोट डाल रहे हैं। सुबह मतदान शुरू होते ही कई मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। ग्रामीण इलाकों में बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह नजर आ रहा है। मतदान प्रक्रिया अपरान्ह तीन बजे तक चलेगी।
राज्य में सुबह से मौसम साफ बना हुआ है और तेज धूप खिली हुई है। हालांकि मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और बिजली कड़कने का भी अलर्ट दिया गया है। ऐसे में प्रशासन ने मतदान दलों और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार दूसरे चरण में कुल 17 लाख 30 हजार 30 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 8 लाख 74 हजार 416 पुरुष, 8 लाख 55 हजार 597 महिलाएं और 17 अन्य मतदाता शामिल हैं। सबसे ज्यादा 3 लाख 95 हजार 856 मतदाता कांगड़ा जिले में हैं, जबकि सबसे कम 8 हजार 875 मतदाता लाहौल-स्पीति जिले में हैं। मंडी में 2 लाख 72 हजार 181 और शिमला में 1 लाख 74 हजार 514 मतदाता वोट डालेंगे।
प्रदेशभर में करीब सात हजार मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से कराने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मतदान खत्म होने के बाद संबंधित पंचायतों में ही मतगणना शुरू कर दी जाएगी और देर रात तक प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों के नतीजे आने शुरू हो जाएंगे। वहीं पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव की मतगणना 31 मई को होगी।
इस बीच पहले चरण के चुनाव में सामने आई गड़बड़ियों पर भी राज्य निर्वाचन आयोग ने कार्रवाई की है। चंबा जिले के तीसा विकासखंड की ग्राम पंचायत समवाल के वार्ड नंबर-2 में मतदान स्थगित कर दिया गया है। यहां पीठासीन अधिकारी ने कुछ मतदाताओं को साथी के साथ मतदान करने की अनुमति दी थी, लेकिन नियमानुसार जरूरी घोषणा पत्र नहीं भरवाया गया। आयोग ने इसे मतदान प्रक्रिया की शुचिता से जुड़ा मामला मानते हुए यहां अब 30 मई को दोबारा मतदान करवाने का फैसला लिया है। मतगणना 31 मई को होगी।
सिरमौर जिले के पच्छाद विकासखंड की ग्राम पंचायत बनाह-धीनी में भी पहले चरण के दौरान मतपेटियां बदलने का मामला सामने आया था। यहां जिला परिषद चुनाव की मतपेटी गलती से पंचायत चुनाव की मतपेटी के साथ बदल गई थी, जिसके कारण मतगणना रोकनी पड़ी। बाद में पुलिस सुरक्षा के बीच यहां मतगणना पूरी करवाई गई।
प्रदेश में 26 मई को हुए पहले चरण के मतदान में भी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। पहले चरण में 1293 पंचायतों में 78.90 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था, जो पिछली पंचायत चुनाव की तुलना में अधिक रहा। तीसरे व आखिरी चरण का मतदान 30 मई को होगा।