समाचार और विचार में स्पष्ट अंतर जरूरी: उपराष्ट्रपति

कोट्टायम (केरल), 31 मई । उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने केरल में दीपिका मलयालम दैनिक के स्थापना दिवस कार्यक्रम में पत्रकारिता में समाचार और विचार के बीच स्पष्ट अंतर बनाए रखने की आवश्यकता को बताते हुए कहा कि संपादकीय विचार व्यक्त करने का स्थान है, जबकि समाचारों को तथ्यपरक और निष्पक्ष रहना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने रविवार को केरल के कोट्टायम में दीपिका मलयालम दैनिक के 140वें स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और इस अवसर पर दीपिका एक्सीलेंस अवॉर्ड्स प्रदान किए।

उपराष्ट्रपति ने दीपिका के 140 वर्षों के सफर को समर्पण, साहस, विश्वसनीयता और जनसेवा की उल्लेखनीय विरासत बताया। उन्होंने कहा कि 19वीं सदी में सीमित संसाधनों के बावजूद एक समाचार पत्र की शुरुआत अत्यंत चुनौतीपूर्ण और साहसिक कार्य था।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का धर्म है अच्छे कार्यों की सराहना करना और गलत कार्यों की निष्पक्ष आलोचना करना। रचनात्मक पत्रकारिता समाज को प्रेरित करती है और राष्ट्र निर्माण को मजबूती प्रदान करती है।

उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों की जिम्मेदारी केवल घटनाओं की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है बल्कि उन्हें उम्मीद, नवाचार, करुणा और वैज्ञानिक प्रगति से जुड़ी सकारात्मक कहानियों को भी सामने लाना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आज के डिजिटल युग में फेक न्यूज, व्यावसायिक दबाव और त्वरित सूचना प्रवाह जैसी चुनौतियां बढ़ी हैं, जिससे मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है। दीपिका आने वाले समय में भी पत्रकारिता के उच्च मानकों को बनाए रखते हुए नई पीढ़ी के पत्रकारों को प्रेरित करता रहेगा।

इस अवसर पर केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री वीडी सतीसन, विधानसभा अध्यक्ष सहित कई लोग उपस्थित रहे।