हांसी : पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो मंत्री के सामने रोने लगा पराली व्यापारी

आमजन को सरकारी सेवाओं का अधिकतम लाभ मिल सके।

जिला परिवेदना समिति की पहली बैठक में 10 शिकायतें

रखी गईं, जिनमें से 7 का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया। जबकि शेष 3 शिकायतों को लंबित

रखते हुए अगली मीटिंग से पहले अधिकारियों को उन पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

भाटोल गांव के सरपंच देवेंद्र लांबा ने स्कूल

के आसपास नशा बिकने की शिकायत की। सरपंच ने बताया कि उनके गांव में आस-पास के कई गांवों

के बच्चे स्कूल में पढ़ने आते हैं, लेकिन स्कूल के नजदीक खुलेआम नशे का कारोबार चल

रहा है। पुलिस को नामजद शिकायत भी दे चुके हैं, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। जबकि

उनके गांव को पुलिस कई साल पहले नशा मुक्त घोषित कर चुकी है, इसके बावजूद क्षेत्र में

खुलेआम नशा बेचा जा रहा है। इस पर डीएसपी रविंद्र सांगवान ने बताया कि पुलिस

ने हाल ही में क्षेत्र में डॉग स्क्वायड और भारी पुलिस बल के साथ विशेष सर्च अभियान

चलाया था।

बैठक के दौरान किसान सुरेंद्र ने अपनी पराली में

आग लगाकर जलाने से करीब 60 लाख रुपए का नुकसान होने के मामले में कार्रवाई न होने पर

भावुक हो गए और और उसने मीटिंग में मंत्री के सामने रोते हुए अपनी समस्या रखी। सुरेंद्र

ने बताया कि वह नामजद लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दे चुका है और गवाह व अन्य सभी

सबूत पेन-ड्राइव के माध्यम से पुलिस जांच अधिकारी को दे चुका है, लेकिन इसके बावजूद

उसके मामले में पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। मंत्री ढांडा ने मामले को गंभीरता

से लेते हुए एसपी को दोबारा जांच करने के निर्देश दिए।