पंच गौरव योजना के प्रस्ताव शीघ्र भेजे जाएं, कार्यों में लाई जाए गति : मुख्य सचिव

जयपुर, 08 जून । मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को शासन सचिवालय में आयोजित बैठक में पंच गौरव योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष के बजटीय प्रावधानों के अनुरूप प्रस्ताव शीघ्र तैयार कर राज्य स्तरीय समिति को अनुमोदन के लिए भेजे जाएं, ताकि समयबद्ध स्वीकृतियां जारी कर कार्यों को गति दी जा सके।

बैठक में मुख्य सचिव ने “एक जिला-एक उत्पाद”, “एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति”, “एक जिला-एक खेल”, “एक जिला-एक पर्यटन स्थल” तथा “एक जिला-एक कृषि उपज” के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति, वित्तीय प्रावधान और निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि पंच गौरव योजना प्रदेश की विशिष्ट पहचान को सशक्त बनाने, स्थानीय संसाधनों के संरक्षण तथा रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सभी विभागों को समन्वित प्रयासों से इसके उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी रूप से उतारना चाहिए।

आयोजना विभाग के सचिव रवि कुमार सुरपुर ने बताया कि वर्ष 2025-26 में “एक जिला-एक कृषि उपज” योजना के अंतर्गत 50 हजार से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया गया है। वहीं “एक जिला-एक वनस्पति प्रजाति” योजना के तहत 85 लाख पौधों का वितरण किया जा चुका है। “एक जिला-एक उत्पाद” योजना के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों और संगोष्ठियों में 17 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया है।

अधिकारियों ने बताया कि “एक जिला-एक खेल” योजना के तहत आयोजित प्रतियोगिताओं में 25 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। वहीं “एक जिला-एक पर्यटन स्थल” योजना के अंतर्गत चयनित स्थलों पर 150 से अधिक मेले, उत्सव, स्वच्छता अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजना के उद्देश्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। बैठक में खेल विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता सहित वित्त, पर्यटन, कृषि, उद्योग और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।