पूर्वी सिंहभूम, 16 जून । जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने एक सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ बिष्टुपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि संबंधित व्यक्ति सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार उनकी छवि धूमिल करने और आधारहीन आरोप लगाकर चरित्र हनन करने का प्रयास कर रहा है।
मंगलवार को जारी एक बयान में सरयू राय ने कहा कि पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ भ्रामक, तथ्यहीन और मनगढ़ंत सामग्री प्रसारित की जा रही है। उनके अनुसार, संबंधित व्यक्ति पहले परोक्ष रूप से उन पर निशाना साधता था, लेकिन हाल के दिनों में उसने सीधे तौर पर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं।
राय ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक इन आरोपों को नजरअंदाज किया, क्योंकि वे उन्हें गंभीरता से नहीं लेते थे। हालांकि, जब यह अभियान उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचाने की सीमा तक पहुंच गया, तब उन्होंने कानून का सहारा लेने का निर्णय लिया।
शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया है कि कथित पत्रकार और उससे जुड़े सोशल मीडिया मंच उनके खिलाफ बिना किसी तथ्यात्मक आधार के दावे कर रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से उन वीडियो का उल्लेख किया है, जिनमें उन पर साकची पार्किंग से अवैध वसूली में हिस्सेदारी लेने सहित अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। राय का कहना है कि इन आरोपों के समर्थन में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है।
विधायक ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास उनके खिलाफ कोई ठोस आरोप या प्रमाण हैं, तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। बिना साक्ष्य लगाए गए आरोप न केवल किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि समाज में भ्रम और अविश्वास का माहौल भी पैदा करते हैं।
उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना का अधिकार सभी को है, लेकिन आरोपों के साथ प्रमाण होना भी आवश्यक है।
राय ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि लगाए गए आरोपों को साबित नहीं किया जा सकता, तो आरोप लगाने वालों को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। अन्यथा उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अर्थ किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को बिना आधार नुकसान पहुंचाना नहीं हो सकता और कानून ऐसे मामलों में उचित कार्रवाई का प्रावधान करता है।———–