कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने से मेदिनीनगर-शाहपुर-चैनपुर पुल निर्माण कार्य दूसरी बार रुका

पलामू, 16 जुलाई । बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र (लो प्रेशर) के प्रभाव से पलामू के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों लातेहार, लोहरदगा और गुमला में हो रही बारिश के कारण कोयल नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते मेदिनीनगर-शाहपुर-चैनपुर मार्ग पर निर्माणाधीन नए पुल का कार्य दूसरी बार रोकना पड़ा है। नदी में कार्यरत मशीनों और अन्य उपकरणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जलस्तर सामान्य होने के बाद निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।

गंगा कंस्ट्रक्शन के प्रोजेक्ट मैनेजर बबलू पांडे ने गुरुवार को बताया कि कोयल नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण सभी मशीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। उन्होंने कहा कि जलस्तर कम होते ही पाइलिंग का कार्य फिर से शुरू कर दिया जाएगा। अब तक दो पिलरों के लिए 30 पाइलिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है।

नए पुल का निर्माण कार्य 13 मई से शुरू हुआ था। वर्तमान में पुल के लिए पाइलिंग का कार्य चल रहा था। परियोजना के तहत कुल 195 पाइलिंग की जानी है, जिनमें अब तक 30 पाइलिंग पूरी की जा चुकी हैं। दो मशीनों की सहायता से यह कार्य किया जा रहा था। प्रत्येक पिलर (पाया) के लिए 15 पाइलिंग का प्रावधान है।

नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण निर्माण कार्य में लगी मशीनों को नदी से बाहर निकाल लिया गया है। इसके अलावा आवश्यक उपकरणों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। निर्माण कार्य के लिए बनाए गए अस्थायी डायवर्जन का कुछ हिस्सा भी तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसकी मरम्मत की जा रही है।

उल्लेखनीय है कि कोयल नदी पर बने पुराने पुल के जर्जर होने और उस पर लगातार लगने वाले जाम के कारण लंबे समय से नए पुल के निर्माण की मांग की जा रही थी। क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया और पलामू के सांसद वीडी राम ने इस संबंध में सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। विधायक ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी कई बार उठाया था, जिसके बाद सरकार ने नए पुल के निर्माण को मंजूरी दी।

करीब 64 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली इस परियोजना को 25 माह में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुल के निर्माण से मेदिनीनगर, शाहपुर और चैनपुर के बीच आवागमन सुगम होने के साथ क्षेत्र के हजारों लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।————–