राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सबसे अधिक जलभराव उपमंडल कार्यालय, नागरिक अस्पताल,
पेटवाड़ रोड और खांडा मोड़ पर देखने को मिला। सडक़ पर पानी जमा होने से दोपहिया वाहन
चालकों और स्कूल-कॉलेज में पढऩे आने वाले छात्रों के साथ साथ अस्पताल में उपचार के
लिए आने वाले मरीजों को काफी दिक्कत हुई, जबकि पैदल आने-जाने वाले लोगों को भी पानी
से होकर गुजरना पड़ा। नागरिक अस्पताल के बाहर पानी भरने से इलाज के लिए आने वाले मरीजों
और उनके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं उपमंडल कार्यालय पहुंचने वाले
लोगों को भी जलभराव के कारण आवागमन में कठिनाई हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के
दौरान यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए
जाते। लोगों का आरोप है कि समय पर नालों की सफाई और जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने
के कारण हल्की बारिश में भी सडक़ें तालाब का रूप ले लेती हैं। मौसम विभाग ने आने वाले
दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में यदि जल्द जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त
नहीं की गई तो शहरवासियों की परेशानी और बढ़ सकती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन
से मांग की है कि जलभराव वाले स्थानों का निरीक्षण कर जल्द से जल्द स्थायी समाधान किया
जाए, ताकि हर बारिश में लोगों को इस समस्या का सामना न करना पड़े।
इस संबंध में नगर पालिका सचिव प्रदीप कुमार ने
बताया कि नालों की सफाई करवाई जा रही हैं। कुछ लोग गंदगी और कचरा सड़कों पर डाल देते
हैं, जो कि बारिश के कारण नालों में घुस जाता हैं। उसी वजह से पानी भरता है। सफाई व्यवस्था
रखने में लोगों को भी सहयोग करना होगा ताकि बारिश के दिनों में नाले ओवरफ्लो ना हों।