पलामू, 28 जुलाई । पलामू में लगातार हो रही हत्या पर पूर्व ग्रामीण विकास मंत्री केएन त्रिपाठी ने झारखंड सरकार के खिलाफ आन्दोलन करने की चेतावनी दी है। साथ ही व्यवस्तथा को देखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से गृह विभाग छोड़ने का आग्रह किया है। उन्हाेंने किसी सक्षम मंत्री को यह जिम्मेवारी देने का सुझाव दिया है।
उन्होंने रिटायर डीजीपी को राज्य का पुलिस महानिदेशक बनाये जाने के निर्णय पर भी सवाल उठाया है। साथ ही राज्य में पूर्णकालीक डीजीपी की तैनाती करने की मांग की है। त्रिपाठी मंगलवार को परिसदन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
त्रिपाठी ने कहा कि पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर के बाइपास रोड में एक काम्पलेक्स में डयूटी के दौरान रविवार रात विनोद पांडे की गोली मारकर हत्या कर दी गयी। इसी तरह पाटन थाना क्षेत्र में प्रभात मेहता का अपहरण कर लिया गया और बाद में उसका शव मिला। प्रभात को ले जाने वाले ने खुद को पुलिसवाला बताया। परिजन जब थाना गए तो उन्हें उलझाया गया। प्रभात की हत्या में पुलिस की भूमिका सामने आ रही है।
केएन त्रिपाठी ने कहा कि पलामू में कई हत्याएं पुलिस के संरक्षण में हुई हैं। कई पुलिस अधिकारी पूर्व डीजीपी के संपर्क में हैं। राज्य में विधि व्यवस्था संभल नहीं रही है। झारखंड सरकार के इस कार्यकाल में पिछले डेढ साल के दौरान 100 से अधिक लोगों की जान चली गयी है।
त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी और जनता के प्रति उतरदायी होने के कारण उनका फर्ज बनता है कि इन सब मामलों को लेकर मुखर हों। व्यवस्था में सुधार नहीं होने पर विधि व्यवस्था को लेकर सरकार के खिलाफ आन्दोलन करने को बाध्य होंगे। उन्होंने पुलिस मुख्यालय से पलामू में हुई फिलहाल की दोनों घटनाओं की जांच कराने की मांग की है।