रांची, 02 अगस्त । झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने राज्य की 108 एम्बुलेंस सेवा की स्थिति को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जीवनरक्षक एम्बुलेंस सेवा को पारदर्शिता और योग्यता के बजाय कथित मित्रवाद और पक्षपात का शिकार बनाया गया है, जिसका खामियाजा राज्य की जनता भुगत रही है।
रविवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में अजय साह ने कहा कि वर्ष 2023 में 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन की जिम्मेदारी जीवीके सर्विसेज को सौंपी गई थी। उनका आरोप है कि स्वास्थ्य मंत्री का पद संभालने के बाद इरफान अंसारी ने पुरानी एजेंसी को हटाकर यह जिम्मेदारी पटना स्थित सम्मान फाउंडेशन को दे दी। भाजपा का दावा है कि संस्था का चयन उसकी कार्यक्षमता, अनुभव या मेरिट के आधार पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य मंत्री के कथित करीबी इरफान आलम से संबंधों के कारण किया गया।
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करने की मांग की कि सम्मान फाउंडेशन का चयन किन तकनीकी, वित्तीय और प्रशासनिक मानकों के आधार पर किया गया। साथ ही सवाल उठाया कि आखिर इरफान आलम कौन हैं, जिन पर स्वास्थ्य मंत्री कथित रूप से मेहरबान हैं।
अजय साह ने कहा कि दिसंबर 2025 में स्वयं स्वास्थ्य मंत्री ने सम्मान फाउंडेशन को हटाने की घोषणा की थी। इसके बावजूद मई 2026 तक उसी संस्था से एम्बुलेंस सेवा का संचालन क्यों कराया जाता रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान पर्दे के पीछे किसके हितों की रक्षा की जा रही थी, इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि सम्मान फाउंडेशन का अनुबंध समाप्त होने के बाद नया टेंडर जारी किया गया, लेकिन उसकी अंतिम तिथि बार-बार बढ़ाई जा रही है। उनके अनुसार इससे संदेह पैदा होता है कि पूरी प्रक्रिया किसी विशेष एजेंसी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रभावित की जा रही है।
उन्होंने एम्बुलेंस खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जिन वाहनों की खरीद की गई, उनकी बॉडी निर्माण का कार्य ऐसी कंपनी से कराया गया, जिसे मुख्य रूप से बस बॉडी निर्माण का अनुभव था। इसके कारण राज्य को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक एम्बुलेंस नहीं मिल सकीं। उनका आरोप है कि ये एम्बुलेंस आए दिन खराब होती हैं, लंबी दूरी तय करने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करती हैं और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावी सेवा देने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यदि ये आरोप गलत हैं तो सरकार स्वतंत्र तकनीकी जांच कराने से क्यों बच रही है।
अजय साह ने कहा कि केवल सम्मान फाउंडेशन का अनुबंध समाप्त कर देने से सरकार अपनी जिम्मेदारी से मुक्त नहीं हो सकती। उन्होंने पूछा कि एम्बुलेंस व्यवस्था में कथित अव्यवस्था के कारण समय पर इलाज नहीं मिलने से प्रभावित मरीजों की नैतिक जिम्मेदारी कौन लेगा। साथ ही महीनों से बकाया वेतन का इंतजार कर रहे एम्बुलेंस चालकों और कर्मचारियों के भुगतान पर भी सरकार से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
भाजपा ने मांग की है कि सम्मान फाउंडेशन को अब तक किए गए कुल भुगतान का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया जाए, 108 एम्बुलेंस सेवा की पूरी टेंडर प्रक्रिया और भुगतान की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और इरफान आलम के बीच कथित संबंधों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
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