प्रमोदिनी मेडिकेयर का पब्लिक इश्यू सब्सक्रिप्शन के लिए खुला, 19 अगस्त को हो सकती है लिस्टिंग

नई दिल्ली, 12 अगस्त । हेल्थकेयर सेक्टर की कंपनी प्रमोदिनी मेडिकेयर का 69.04 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 14 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 17 अगस्त को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 18 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 19 अगस्त को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन इस आईपीओ को 75 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 110 रुपये से लेकर 118 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,83,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 58,51,200 शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 63 करोड़ रुपये के 53,50,800 नए शेयर जारी किये जा रहे हैं, जबकि लगभग छह करोड़ रुपये के 5,00,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 43.27 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 34.58 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 16.41 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.74 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए स्मार्ट हॉरिजॉन कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि पूर्वा शेयरगिस्ट्री (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। रेनबो सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड और श्रेणी शेयर्स लिमिटेड कंपनी के मार्केट मेकर हैं।

प्रमोदिनी मेडिकेयर की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 7.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 11.14 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 17.38 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 35.79 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 38.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 63.38 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 11.96 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 10.81 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 17.85 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 24.75 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 35.77 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 53.15 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 23.46 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 34.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 36.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 15.53 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 30.90 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।