रांची, 13 अगस्त । झारखंड उच्च न्यायालय ने सड़क किनारे और डिवाइडर पर लगे विज्ञापन होर्डिंग, यूनिपोल, मोनोपोल व प्लेकार्ड को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने रांची नगर निगम (आरएमसी) को निर्देश दिया है कि स्ट्रीट लाइट के खंभों पर सड़क की सतह से 12 फीट से कम ऊंचाई पर लगे सभी विज्ञापन बोर्ड तत्काल हटाए जाएं या उन्हें 12 फीट से अधिक ऊंचाई पर लगाया जाए।
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने मामले की सुनवाई की। झारखंड स्टेट आउटडोर एडवरटाइजिंग एसोसिएशन सहित दो रिट याचिकाओं की सुनवाई उच्च न्यायालय ने की। अदालत ने दोनों मामलों में प्रतिवादियों को जवाब दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले पर सुनवाई के लिए अगले सप्ताह निर्धारित की। निगम ने विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा।
अदालत ने रांची नगर निगम को निर्देश दिया कि डिवाइडर पर लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों पर सड़क की सतह से कम ऊंचाई पर लगाए गए सभी विज्ञापन होर्डिंग, बिलबोर्ड और प्लेकार्ड हटाए जाएं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि सड़क के डिवाइडर पर लगे बिजली के खंभों पर कोई विज्ञापन बोर्ड लगाया जाता है, तो उसका कोई भी हिस्सा सड़क की सतह से 12 फीट से कम ऊंचाई पर नहीं होना चाहिए।
सुनवाई के दौरान विज्ञापन एजेंसियों की ओर से कहा गया कि सभी होर्डिंग, मोनोपोल और यूनिपोल को हटाने का निर्देश दिया गया है। एजेंसियों का कहना था कि निगम को कम से कम यह बताना चाहिए कि कौन-कौन से होर्डिंग खतरा पैदा कर रहे हैं, क्योंकि सभी होर्डिंग को खतरे की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।
वहीं, रांची नगर निगम की ओर से कहा गया कि मोनोपोल, यूनिपोल, विज्ञापन होर्डिंग, बिलबोर्ड और प्लेकार्ड आदि वाहन चालकों का ध्यान भटकाते हैं। इससे दुर्घटना, चोट और जान जाने जैसी घटनाओं का खतरा रहता है।
अदालत ने कहा कि सड़क के बीच बिजली के खंभों पर कम ऊंचाई पर विज्ञापन बोर्ड लगाना निश्चित रूप से यात्रियों के लिए खतरा है। ऐसे बोर्ड ब्लाइंड स्पॉट भी पैदा करते हैं, जिससे सड़क पर दुर्घटना की आशंका बढ़ सकती है।