जयपुर, 23 अगस्त । नगर निकाय व नगर निगम आचार संहिता के नाम पर आमजन के काम नहीं रोक पाएंगे। कामों को लेकर किसी प्रकार की भ्रम या ऊहापोह की स्थिति को दूर करने के लिए विभाग ने 12 कामों की सूची जारी कर दी है। इसको लेेकर रविवार को राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने आदेश जारी कर दिए है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नगरपालिका संस्थाओं के निर्वाचित जन प्रतिनिधिग द्वारा चुनाव के समय राजकीय या स्थानीय निकाय के वाहनों का उपयोग चुनाव प्रचार में करने की संभावना रहती है। अत: सरकारी या स्थानीय निकाय के किसी भी वाहन का उपयोग अध्यक्ष ,सभापति, मेयर, उपाध्यक्ष, उपसभापति व अन्य किसी भी जन प्रतिनिधि द्वारा नहीं किया जाए। किसी भी जन प्रतिनिधि द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान राजकीय सुविधाओं का उपयोग नहीं किया जाए। भूमि आवंटन, ऋण वितरण आदि के निर्णय भी चुनाव समाप्ति तक नहीं लिए जावें और न ही इन नगरपालिकाओं की बैठक चुनाव समाप्ति तक आयोजित की जावे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबधित निर्वाचन क्षेत्रो में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए है, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेगें।
नगरीय निकायों के आम चुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता प्रभावी हो जाने के दौरान निम्न कार्य नगरीय निकायों द्वारा किए जा सकते हैं।
1. अधिनियम की धारा 194 के तहत नया भवन निर्मित करने, भवन को पुन: निर्मित करने या भवन में तात्विक परिवर्तन करना आदि की स्वीकृति के लिए प्रस्तुत भवन मानचित्र आवेदन की अधिनियम में निर्धारित समयावधि 2 माह में निस्तारित करना। 2. पूर्व में स्वीकृत आवासीय व व्यवसायिक योजनाओं में नीलामी द्वारा विक्रय किए गए भूखण्डों में आवंटी व क्रेता द्वारा यदि सभी देय भुगतान कर दिए हो तो पट्टा जारी करना। 3. कृषि भूमि नियमन, निर्माण स्वीकृति, नामान्तरण आदि की सक्षम स्वीकृति के बाद पूर्ण राशि जमा हो गई हो तो पट्टा या स्वीकृति एवं जारी करना। 4. पूर्व में स्वीकृत विकास कार्य जिनका कार्य शुरू हो चुका हो। 5. प्रस्तावित प्रोजेक्टस व निर्माण कार्यों की डी पी आर तैयार करवाना व उनका परीक्षण करते हुए अनुमोदन या अप्रेजल की कार्यवाही करना। 6. ड्राइंग, डिजाइन व विस्तृत एस्टीमेट तैयार करना। 7. स्वीकृत कार्य की लागत के आधार पर टेण्डर डॉक्यूमेंट तैयार करना व एमओयू का प्रारूप तैयार करना। 8. आवश्यकता के अनुसार अति-आवश्यक सेवाएं यथा सड़क, नाली, स्ट्रीट लाईट मरम्मत कार्य करवाना। 9. भूमि विक्रय या नियमन के विधि सम्मत जारी किए गए पट्टो का पंजीयन नही होने पर ऐसे पट्टों का पुनर्वध या नवीनीकरण करके पंजीकरण कराने का कार्य। 10. पट्टों के नामान्तरण का कार्य। 11.आचार संहिता से प्रभावित नहीं होने वाले अन्य सामान्य दैनिक प्रकृति के कार्य ताकि आम जनता को असुविधा नहीं हो। 12. संबधित नगरीय निकायों में विभिन्न विभागों के विकास कार्य जिसके कार्यादेश आचार संहिता के प्रभाव में आने से पूर्व ही जारी किए जा चुके है या जो विकास कार्य पूर्व से ही चल रहे है, वे सभी आचार संहिता मे प्रभावित नहीं होंगे। नई स्कीम, नए विकास कार्य नए टेडंर एंव नए कार्यादेश आचार संहिता के लागू होने से पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगें।