जयपुर, 09 सितंबर । राजस्थान उच्च न्यायालय ने कॉलेज शिक्षा के असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती-2025 में विवादित प्रश्नों से जुड़े मामले में अंतिम परिणाम जारी करने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में प्रमुख उच्च शिक्षा सचिव और आरपीएससी सचिव से जवाब तलब किया है। अदालत ने कहा है कि आयोग भर्ती प्रक्रिया जारी रख सकता है, लेकिन अंतिम परिणाम जारी नहीं किया जाए। जस्टिस गणेश राम मीणा की एकलपीठ ने यह आदेश संजय आशिया की ओर से दायर याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने अदालत को बताया कि आरपीएससी ने 18 दिसंबर को कॉलेज शिक्षा के असिस्टेंट प्रोफेसर के तीस पदों के लिए भर्ती निकाली थी। जिसमें याचिकाकर्ता ने अंग्रेजी विषय के लिए आवेदन कर लिखित परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा के बाद आरपीएससी की ओर से मॉडल उत्तर कुंजी जारी की गई। जिसमें याचिकाकर्ता की ओर से अंग्रेजी भाषा के प्रश्न पत्र सहित सामान्य ज्ञान प्रश्न पत्र के पन्द्रह प्रश्नों को लेकर आरपीएससी के समक्ष अपनी आपत्ति पेश की। याचिकाकर्ता की ओर से मान्यता प्राप्त पुस्तकों के आधार पर कहा गया कि आरपीएससी की ओर जांच गए प्रश्नों के जवाब सही नहीं हैं। इसके बावजूद भी आयोग ने याचिकाकर्ता की आपत्ति पर ध्यान नहीं दिया और बिना अंतिम कुंजी जारी किए अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया जा रहा है।
याचिका में कहा गया कि सामान्य ज्ञान का प्रश्न पत्र सभी विषयों के अभ्यर्थियों के लिए एक समान था। ऐसे में इसके विवादित प्रश्नों के चलते सभी विषयों का परीक्षा परिणाम प्रभावित हो गया है। इसके साथ ही यदि अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की गई तो इससे तीसरे पक्ष के अधिकार सृजित हो जाएंगे और कानूनी पेचीदगियां बढ़ जाएगी। ऐसे में नियुक्ति प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब करते हुए भर्ती का अंतिम परिणाम जारी करने पर अंतरिम रोक लगा दी है।