जयपुर, 18 सितंबर । राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने भीलवाड़ा में अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री मामले में फरार चल रहे चौथे मुख्य आरोपी प्रकाश आंजना (37) को मध्यप्रदेश के मंदसौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। एएनटीएफ ने कार्रवाई के लिए विशेष ‘ऑपरेशन नाम्नाविलोम’ चलाया।
एएनटीएफ के आईजी विकास कुमार ने बताया कि 16 जून 2026 को भीलवाड़ा के बिजौलिया क्षेत्र के चम्पापुर गांव के जंगल में भंवर बंजारा के मकान पर दबिश देकर अवैध एमडी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया था। मौके से 36.550 किलो गीली और सूखी एमडी ड्रग्स के साथ बड़ी मात्रा में रसायन और उपकरण बरामद किए गए थे।
पुलिस जांच के अनुसार माल्याखेरखेड़ा, मंदसौर निवासी प्रकाश आंजना चौथी कक्षा तक पढ़ा है और मुख्य आरोपी सुखलाल के शराब ठेकों पर काम करता था। शराब के कारोबार में घाटा होने के बाद सुखलाल ने भीलवाड़ा में एमडी फैक्ट्री शुरू की। पुलिस के अनुसार प्रकाश को कच्चे माल की सप्लाई में मोटी कमाई का लालच देकर नेटवर्क से जोड़ा गया था। उसका काम फैक्ट्री के लिए कच्चा माल और सेटअप भीलवाड़ा पहुंचाना था।
फैक्ट्री का खुलासा होने और भीलवाड़ा पुलिस की ओर से इनाम घोषित किए जाने के बाद प्रकाश मोबाइल बंद कर राजस्थान और मध्यप्रदेश में ठिकाने बदलकर फरारी काट रहा था। एएनटीएफ को सूचना मिली कि वह मंदसौर के एक ढाबे पर दोस्तों के साथ शराब पार्टी कर रहा है। टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद को ‘रामसिंह धाकड़’ बताया, लेकिन पुरानी फोटो के आधार पर पूछताछ करने पर उसने अपनी वास्तविक पहचान स्वीकार कर ली। इस मामले में एएनटीएफ इससे पहले अलग-अलग अभियानों के तहत मुख्य आरोपी सुखलाल, राहुल और भारतसिंह उर्फ पप्पू को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। प्रकाश आंजना इस मामले में गिरफ्तार किया गया चौथा मुख्य आरोपी है।