दिल्ली की निचली अदालतों के वकील सोमवार को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करेंगे

नई दिल्ली, 20 सितंबर । दिल्ली की निचली अदालतों के वकील कल यानि 21 सितंबर को न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करेंगे। न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का फैसला ट्रैफिक चालान के नियमों में हाल में किए गए संशोधन के बाद किया गया है। यह फैसला कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशंस ऑफ दिल्ली ने रविवार को हुई बैठक में लिया गया।

कोआर्डिनेशन कमेटी के महासचिव नरवीर डबास के हस्ताक्षर से जारी सर्कुलर में दिल्ली की निचली अदालतों में न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का आह्वान किया गया है। सर्कुलर में कहा गया है कि मोटर व्हीकल रुल्स के रुल 167 में संशोधन कर दिल्ली सरकार ने ट्रैफिक चालानों की सुनवाई के लिए एसडीएम, एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट और विभागीय अधिकारियों की नियुक्ति की है। इसके पहले ट्रैफिक चालान अदालतों में मजिस्ट्रेट की कोर्ट में होते थे।

नये संशोधन के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति के खिलाफ चालान जारी किया गया है तो या तो उसे चालान भरना होगा या चालान जारी होने के 45 दिनों के अंदर दिल्ली सरकार की ओर से नियत अफसरों के समक्ष इसका विरोध करना होगा। इस संशोधन के तहत अगर किसी व्यक्ति ने 45 दिन के अंदर चालान का विरोध नहीं किया तो ये माना जाएगा कि उसने चालान स्वीकार कर लिया है। अगर दिल्ली सरकार के बताए हुए अधिकारी ने चालान के विरोध में दलील को खारिज कर दिया, तो संबंधित व्यक्ति कोर्ट में तभी जा सकता है जब वो चालान की राशि का आधा हिस्सा दिल्ली सरकार के पास जमा करे।

दिल्ली सरकार के इस फैसले का कोआर्डिनेशन कमेटी ने विरोध जताते हुए संबंधित मंत्री के समक्ष 27 अगस्त को अपनी बातें रखी थी। उसके बाद दिल्ली सरकार के कानून मंत्री के समक्ष भी 7 सितंबर को कोआर्डिनेशन कमेटी ने अपनी बातें रखी थी। दिल्ली के कानून मंत्री के साथ हुई दो बैठकों में कोआर्डिनेशन कमेटी को ये आश्वस्त किया गया कि दिल्ली सरकार ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए एसडीएम या दूसरे अधिकारियों की नियुक्ति के प्रस्ताव पर कोई अमल नहीं करेगी। कोआर्डिनेशन कमेटी ने उन मीडिया रिपोर्ट्स पर चिंता जताई कि ट्रैफिक चालान के निपटारे के लिए खाद्य और आपूर्ति विभाग के अफसरों, तहसीलदार और ट्रांसपोर्ट विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

कोआर्डिनेशन कमेटी का कहना है कि ये ट्रैफिक चालान का विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है और ये किसी न्यायिक फोरम पर ही किया जा सकता है। कोआर्डिनेशन कमेटी ने ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए दिल्ली सरकार की ओर से न्यायिक अधिकारियों की जगह प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति का कड़ा विरोध जताया है।