फतेहपुर, 23 सितंबर । उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में बुधवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य-समान वेतन सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। जिलाधिकारी व मुख्य चिकित्साधिकारी के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में संगठन ने प्रदेश में कार्यरत एक लाख से अधिक एनएचएम संविदा कार्मिकों की समस्याओं के निराकरण की मांग की है।
जिलाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह पटेल ने कहा कि संविदा कर्मचारी पिछले 15 से 18 वर्षों से ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों, जिला चिकित्सालयों और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सेवाएं दे रहे हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीबी उन्मूलन तथा विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के संचालन में एनएचएम कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है।लंबे समय से कार्यरत एनएचएम संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण तथा समान कार्य-समान वेतन की मांग को लागू किया जाना चाहिए। साथ ही वर्तमान मानदेय में तत्काल वृद्धि और स्वास्थ्य विभाग में जिन पदों पर संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं, उन पदों का सृजन करने किया जाय। इसके अलावा कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवारों के लिए कम से कम 10 लाख रुपये की फैमिली फ्लोटर कैशलेस स्वास्थ्य बीमा सुविधा, महंगाई भत्ता, ईपीएफ, एचआरए एवं ग्रेच्युटी का लाभ देने, गैर जनपद स्थानांतरण नीति बहाल करने, सेवाकाल में मृत्यु होने पर पात्र आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति देने, आउटसोर्स कार्मिकों को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित करने तथा नियमित भर्तियों में एनएचएम संविदा कर्मचारियों के लिए कम से कम 25 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन को 3 अक्टूबर तक सकारात्मक कार्रवाई के लिए समय दिया है। कार्रवाई न होने पर 5 से 7 अक्टूबर तक काला फीता बांधकर विरोध, 8 से 10 अक्टूबर तक जनपद मुख्यालयों पर शांतिपूर्ण कार्य बहिष्कार व कार्यविराम तथा 12 अक्टूबर से लखनऊ में अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है।