फतेहाबाद : आठवें वेतन आयोग में न्याय की मांग को लेकर डीसी कार्यालय पर पेंशनर्स ने डाला 24 घंटे का पड़ाव

फतेहाबाद, 29 सितंबर । आठवें वेतन आयोग में पेंशनर्स को न्याय देने की मांग को लेकर मंगलवार को रिटायर्ड कर्मचारियों द्वारा फतेहाबाद में डीसी कार्यालय पर 24 घंटे का पड़ाव डाला गया। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन की अध्यक्षता रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान भोला सिंह ने की व संचालन जिला सचिव बेगराज ने किया।

आठवें वेतन आयोग का लाभ सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर समान रूप से लागू करने की मांग को लेकर आयोजित इस पड़ाव में काफी संख्या में महिला व पुरुष रिटायर्ड कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान भोला सिंह, कोषाध्यक्ष रघुनाथ मेहता एवं जिला सचिव बेगराज ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 31 दिसंबर 2025 से पहले सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों तथा इसके बाद सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के बीच भेदभाव किया जा रहा है। साथ ही, वित्त विधेयक 2025 के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के प्रति अपनाई जा रही नकारात्मक नीतियों से पेंशनभोगियों में भारी रोष व्याप्त है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भविष्य में वेतन आयोग के लाभ से वंचित किए जाने की आशंका के चलते देशभर के राज्य व केंद्र के कर्मचारियों ने संघर्ष का रास्ता चुना है। उन्होंने आरोप लगाया कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब आठवें वेतन आयोग का लाभ पेंशनरों को देना है या नहीं, इसे सरकार की मर्जी पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के 18 महीने के बकाया महंगाई भत्ते का एरियर भी अभी तक जारी नहीं किया गया है। इसके अलावा, गंभीर बीमारियों में भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है और पैनल वाले अस्पतालों में पहले ही एडवांस पेमेंट जमा कराई जाती है।

उन्होंने मांग की कि आठवें वेतन आयोग के लाभ सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर अनिवार्य रूप से लागू किए जाएं। कोरोना काल के 18 महीने के बकाया महंगाई भत्ते के एरियर का तुरंत भुगतान हो। पेंशन बढ़ोतरी का लाभ उम्र के हिसाब से दिया जाए। 65 वर्ष पर पांच प्रतिशत, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत, 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत और 80 वर्ष की आयु पूरी होने पर 20 प्रतिशत वृद्धि की जाए। कम्यूट की गई पेंशन राशि की कटौती 15 साल की बजाय 11 साल में बंद की जाए। फैमिली पेंशनर्स को एलटीसी सुविधा तथा वरिष्ठ नागरिकों को रेल व हवाई यात्रा में दी जाने वाली छूट को बहाल किया जाए। पेंशनर्स के लिए वास्तविक और पारदर्शी कैशलेस इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित हो।