यूएपीए मामले में आईएसआईएस से जुड़े संगठन के कथित सदस्य को हाई कोर्ट से जमानत

नई दिल्ली, 01 अक्टूबर । दिल्ली उच्च न्यायालय ने यूएपीए के तहत दर्ज एक मामले में आईएसआईएस से जुड़े ‘हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम’ नामक संगठन के कथित सदस्य मोहम्मद शहजाद कमाल को जमानत दे दी है। जस्टिस नवीन चावला की अध्यक्षता वाली बेंच ने जमानत देने का आदेश दिया।

कोर्ट ने कमाल को करीब 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही रकम के जमानती के आधार पर जमानत देने का आदेश दिया। इसके पहले ट्रायल कोर्ट ने 20 मई 2024 को जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कमाल 31 अगस्त 2021 से हिरासत में है। ट्रायल कोर्ट ने कमाल के खिलाफ 30 अगस्त 2022 को यूएपीए के तहत आरोप तय किए थे।

एनआईए के मुताबिक कमाल ने फरवरी 2017 से जनवरी 2019 के दौरान कई बार मामले के सह आरोपित अबसर को धन उपलब्ध कराया था। कमाल दूसरे सह आरोपित मोहम्मद साकिब से फेसबुक और व्हाटसऐप के जरिये सम्पर्क में था। चैट हिस्ट्री में उन दोनों के बीच फंड ट्रांसफर और उसके इस्तेमाल अलगाववादी गतिविधियों के लिए करने के सबूत मिले थे।

एनआईए के मुताबिक कमाल जम्मू-कश्मीर में सक्रिय तहरीक-ए-आजादी जम्मू-कश्मीर का भी समर्थक था। कमाल कथित तौर पर जिहादी विचारधारा और हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम से प्रभावित था। एनआईए ने इस संगठन को आईएसआईएस से संबद्ध आतंकी संगठन बताया।

सुनवाई के दौरान कमाल की ओर से पेश वकील ने कहा कि चार्जशीट में दाखिल दस्तावेज में ऐसा कुछ नहीं है, जिससे आरोप साबित हो सके। उन्होंने कहा कि अगर चार्जशीट में दिए तथ्य और दस्तावेज सबूत में परिवर्तित नहीं होते तो आरोपित बरी ही होता है। उन्होंने कहा कि आरोपित लम्बे समय से हिरासत में है इसलिए उसे जमानत मिलनी चाहिए।