काकामिगाहारा, 01 अक्टूबर । अभिषेक के आखिरी मिनट में किए गए शानदार गोल की बदौलत भारत ने रोमांचक सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 4-3 से हराकर एशियाई खेल 2026 के पुरुष हॉकी फाइनल में जगह बना ली। गिफू प्रीफेक्चुरल ग्रीन स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने एक समय 3-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन पाकिस्तान ने जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 3-3 कर दिया। इसके बाद अभिषेक ने खेल समाप्त होने से 49 सेकंड पहले निर्णायक गोल दागकर भारत को फाइनल में पहुंचा दिया।
इस जीत के साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना अजेय अभियान भी जारी रखा। भारत को पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी हार 2016 के दक्षिण एशियाई खेलों के फाइनल में मिली थी। एशियाई खेलों में भी क्रेग फुल्टन की टीम का एशियाई प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अजेय अभियान जारी है।
इस जीत की एक और खास बात यह रही कि 1998 के बाद पहली बार एशियाई खेलों के हॉकी फाइनल में भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें पहुंची हैं। महिला टीम पहले ही स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बना चुकी है।
भारत ने मुकाबले की तेज शुरुआत की और पांचवें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। आठवें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने गोल किया लेकिन पाकिस्तान के रिव्यू के बाद उसे रद्द कर दिया गया।
भारत ने हालांकि दबाव बनाए रखा और 13वें मिनट में हरमनप्रीत ने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। इसके बाद 23वें मिनट में सुखजीत सिंह ने गोल कर भारत को 3-0 से आगे कर दिया। शिलानंद लाकड़ा ने बाईं ओर से तेजी से आगे बढ़कर गेंद गोल के सामने पहुंचाई, जहां सुखजीत ने उसे गोल में डाल दिया।
तीन गोल से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान ने वापसी की कोशिश शुरू की। 30वें मिनट में अबू महमूद ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अंतर 3-1 कर दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक भारत 3-1 से आगे था।
तीसरे क्वार्टर में पाकिस्तान ने दबाव बढ़ाया और 45वें मिनट में हन्नान शाहिद ने गोल कर स्कोर 3-2 कर दिया। इसके बाद 49वें मिनट में राणा वाहीद ने दाईं ओर से आई गेंद को गोल में पहुंचाकर पाकिस्तान को 3-3 की बराबरी दिला दी।
बराबरी के बाद मुकाबला बेहद रोमांचक हो गया और दोनों टीमों ने निर्णायक गोल के लिए जोर लगाया। निर्धारित समय समाप्त होने से महज 49 सेकंड पहले अभिषेक ने सर्कल के दाईं ओर मिले मौके का फायदा उठाते हुए जोरदार शॉट लगाया। गेंद डिफ्लेक्ट होकर पाकिस्तान के गोलकीपर के पैर के पास से निकल गई और भारत को 4-3 की बढ़त मिल गई और यही बढ़त निर्णायक साबित हुई।
भारत अब स्वर्ण पदक के लिए मलेशिया और दक्षिण कोरिया के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से भिड़ेगा।