ताइज़ में भीषण झड़प व मदीना में बिजली केंद्र पर हमला, सऊदी गठबंधन ने हूथियों को ठहराया जिम्मेदार

सना/रियाद, 02 अक्टूबर । यमन में हूथी विद्रोहियों के खिलाफ अभियान चला रहे सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मदीना में एक बिजली वितरण केंद्र पर ड्रोन हमले के लिए हूथियों को जिम्मेदार ठहराया है। हूथियों ने इस आरोप को खारिज करते हुए इसे “झूठ” बताया है। इस बीच, यमन के ताइज़ प्रांत में सऊदी समर्थित सरकारी बलों और हूथी लड़ाकों के बीच भीषण संघर्ष की खबर है।

अंतराष्ट्रीय मीडिया अलजजीरा के अनुसार, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि मंगलवार को मदीना स्थित बिजली वितरण स्टेशन को निशाना बनाया गया। यह स्टेशन मस्जिद-ए-नबवी को बिजली की आपूर्ति करता है। हमले में एक ट्रांसफॉर्मर क्षतिग्रस्त हुआ, हालांकि बिजली नेटवर्क की आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई। ड्रोन के मलबे की जांच से हमले की योजना और उसे अंजाम देने में हूथियों की भूमिका की पुष्टि हुई है।

यमन की आधिकारिक राज्य समाचार एजेंसी सबा ने एक सैन्य सूत्र के हवाले से गठबंधन के आरोपों को खारिज किया। सूत्र ने इसे सऊदी अरब की ओर से अपनी पिछली विफलता को छिपाने का प्रयास बताया और कहा कि वह पहले मक्का को निशाना बनाए जाने के आरोपों को साबित नहीं कर पाया था।

वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने आरोप लगाया कि मदीना पर हमला मक्का स्थित मस्जिद अल-हरम और मस्जिद-ए-नबवी जैसे इस्लाम के पवित्र स्थलों को निशाना बनाने की हूथियों की कथित कोशिशों का हिस्सा है। गठबंधन ने कहा कि वह पवित्र स्थलों और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा। गठबंधन ने गुरुवार को यह भी दावा किया कि उसने दक्षिणी सऊदी शहर खमीस मुशैत के ऊपर हूथियों द्वारा छोड़े गए चार ड्रोन को नष्ट किया। इसके अलावा खमीस मुशैत और दक्षिणी क्षेत्र जाज़ान के ऊपर दो बैलिस्टिक मिसाइलों को भी रोकने का दावा किया गया।

यमन के ताइज़ प्रांत में सऊदी समर्थित सरकारी बलों ने हूथियों के बड़े हमले को नाकाम करने का दावा किया है। यमनी सेना के अनुसार, हूथियों ने बुधवार शाम ताइज़ के पश्चिम में जबल हबाशी और मकबानाह जिलों तथा दक्षिण-पूर्व में अल-मसराख जिले के अल-अक्रुद मोर्चे पर भारी गोलीबारी की।

सैन्य सूत्रों के हवाले से सरकारी बलों ने दावा किया कि केवल अल-अक्रुद मोर्चे पर कम से कम 30 हूथी लड़ाके मारे गए और दर्जनों घायल हुए। वहीं, ताइज़ के दक्षिण-पूर्व और पश्चिम में मकबानाह क्षेत्र के हुमैर मोर्चे पर छह हवाई हमलों में भी भारी नुकसान होने की बात कही गई है।

यमन में जारी संघर्ष के बीच आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। विस्थापित शिविरों के प्रबंधन विभाग के अनुसार, बुधवार तक 29,519 परिवारों के कुल 197,906 लोगों का आधिकारिक पंजीकरण किया गया था। इनमें से 97,000 से अधिक लोग ताइज़ प्रांत में रह रहे हैं, जबकि लाहिज में 50,000 से अधिक विस्थापित लोगों के रहने की जानकारी दी गई है।

भीषण संघर्ष के बीच सऊदी अरब ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के लिए 224 मिलियन सऊदी रियाल (करीब 59.7 मिलियन डॉलर) के बजट फंड को मंजूरी दी है।

यमन में सऊदी राजदूत मोहम्मद अल-जाबिर ने कहा कि यह वित्तीय सहायता सरकारी वित्तीय प्रवाह को नियमित करने, राजकोषीय नीति की दक्षता बढ़ाने और यमनी नागरिकों की क्रय शक्ति मजबूत करने में मदद करेगी।

इस बीच, लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य को लेकर भी तनाव बना हुआ है। पिछले महीने हूथी लड़ाकों द्वारा लाल सागर के शहर मोचा पर कब्जा करने के बाद इस रणनीतिक क्षेत्र में उनके प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ी है। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और एशिया, खाड़ी क्षेत्र तथा यूरोप के बीच समुद्री व्यापार के लिए महत्वपूर्ण मार्ग है।

सरकारी बलों ने हूथियों को आगे बढ़ने से रोकने और मोचा पर दोबारा नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करने का संकल्प लिया है। ताइज़ और पश्चिमी तट पर तैनात फील्ड कमांडरों ने भी मोचा पर फिर से कब्जा करने की कोशिश की बात कही है।