दोपहिया वाहनों में इंडिकेटर बंद करने की स्वचालित व्यवस्था और श्रव्य चेतावनी प्रणाली की कमी का मुद्दा उठाते हुए धर्मशाला के अधिवक्ता विश्व चक्षु ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सहित चार प्रमुख वाहन निर्माता कंपनियों को विधिक नोटिस भेजा है। इनमें हीरो मोटोकॉर्प, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया, टीवीएस मोटर कंपनी और बजाज ऑटो लिमिटेड शामिल हैं।
अधिवक्ता के अनुसार मोड़ लेने के बाद चालक कई बार इंडिकेटर बंद करना भूल जाते हैं, जिससे अन्य वाहन चालकों को भ्रम हो सकता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने हिमाचल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में इसे सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए दोपहिया वाहनों में बजर अलर्ट और स्वत: बंद होने वाली इंडिकेटर प्रणाली अनिवार्य करने की मांग की है।
नोटिस में केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में आवश्यक संशोधन करने और पहले से सड़कों पर चल रहे दोपहिया वाहनों में भी यह सुविधा लगाने पर विचार करने का आग्रह किया गया है। अधिवक्ता ने दावा किया कि 50 से 150 रुपये की लागत वाली यह तकनीक सुरक्षा बढ़ाने में मददगार हो सकती है। उन्होंने संबंधित पक्षों को 60 दिनों के भीतर कार्रवाई करने को कहा है। ऐसा नहीं होने पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश, धर्मशाला की अदालत में वाद दायर करने, हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल करने और उपभोक्ता आयोग में शिकायत करने की चेतावनी दी है।
