नाहन, 22 अक्टूबर । खनन सामग्री ढोने वाले ट्रांसपोर्टरों को निर्धारित मार्ग पर भारी वाहनों के संचालन में आ रही परेशानियों के चलते आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि उन्हें जिस रास्ते से वाहनों को ले जाने की अनुमति दी गई है, वह काफी संकरा है। ऐसे में हर समय वाहनों के खाई में गिरने और किसी बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। इस समस्या के समाधान की मांग को लेकर वीरवार को ट्रांसपोर्टरों के एक प्रतिनिधिमंडल ने डीसी सिरमौर से मुलाकात की।
ट्रांसपोर्टर सुखविंदर सिंह, राजू, रमन, ललित, सरफात, इंतजार, अकरम, राशिद और अब्दुल ने बताया कि उनके वाहन पांवटा साहिब से कालाअंब होते हुए पंचकूला (हरियाणा) तक खनन सामग्री लेकर जाते हैं। निर्धारित मार्ग पर सड़क की कम चौड़ाई के कारण भारी वाहनों को निकालने में काफी परेशानी होती है। इससे न केवल दुर्घटना का खतरा बना रहता है, बल्कि वाहन चालकों को भी हर समय सतर्क रहना पड़ता है।
ट्रांसपोर्टरों ने डीसी सिरमौर के समक्ष अपनी समस्या रखते हुए मांग की कि उन्हें रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक पांवटा साहिब से कालाअंब के बीच अपने वाहनों के संचालन की अनुमति दी जाए। उनका कहना है कि यदि इस समयावधि में वाहनों को चलाने की अनुमति मिलती है, तो उन्हें अपना कामकाज सुचारू रूप से चलाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि वाहनों का संचालन प्रभावित होने से उनकी आमदनी पर असर पड़ रहा है। वहीं, बैंक से वाहन खरीदने के लिए लिए गए ऋण की मासिक किस्तें (ईएमआई) चुकाना भी मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे में उनके सामने रोजी-रोटी के साथ-साथ आर्थिक जिम्मेदारियों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
ट्रांसपोर्टरों ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि उनकी समस्याओं और सड़क पर सुरक्षा के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए तथा कोई व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, ताकि उन्हें सुरक्षित तरीके से वाहनों का संचालन करने और अपने परिवारों की आजीविका चलाने में परेशानी न हो।
