दीपावली पर आतिशबाजी की दुकानों में मनमानी नहीं चलेगी, सुरक्षा में चूक पर होगी कार्रवाई : जिलाधिकारी

फर्रुखाबाद,24 अक्टूूबर । दीपावली पर आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी भारी पड़ सकती है। संभावित अग्निकांड और हादसों पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने शनिवार काे आतिशबाजी विक्रेताओं और निर्माताओं को स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्थायी एवं अस्थायी दुकानों, थोक-फुटकर बिक्री और आतिशबाजी निर्माण से जुड़े लोगों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।

डीएम ने विस्फोटक नियमावली, 2008 और संशोधित प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्थायी आतिशबाजी दुकानों के प्रत्येक क्लस्टर में अधिकतम 50 दुकानें हों और कम से कम दो फायर टेंडर उपलब्ध रहें। अग्निशमन संसाधनों की वास्तविक उपलब्धता के आधार पर ही दुकानों की संख्या तय की जाए। क्लस्टर बनाते समय आबादी, भीड़भाड़ वाले स्थानों, गलियों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, रेलवे लाइन, हाईटेंशन विद्युत लाइनों, बाजारों और कारखानों से निर्धारित सुरक्षित दूरी का ध्यान रखा जाए।

दुकानों में खुले तार, असुरक्षित वायरिंग और जोखिमपूर्ण विद्युत संयोजन नहीं होने चाहिए। क्लस्टर का संचालन शुरू करने से पहले विद्युत सुरक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों से निरीक्षण कराकर प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य होगा। दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी, निर्धारित नक्शे के अनुसार आवंटन, सुरक्षित निर्माण और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए। रास्तों पर अस्थायी शेड या प्लेटफॉर्म बनाकर अवरोध खड़ा करने तथा दुकानों में अनावश्यक भीड़ जुटाने पर रोक रहेगी।

प्रत्येक दुकान पर अग्निशमन यंत्र, रेत और पानी से भरी बाल्टियां तथा प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध रहें। आपातकालीन निकास खुले रखे जाएं और आसपास ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण न हो। वैध लाइसेंस और निर्धारित स्थल की जांच के साथ उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने प्रतिबंधित आतिशबाजी की बिक्री रोकने, ग्रीन पटाखों को प्रोत्साहित करने तथा ध्वनि और समय संबंधी प्रतिबंधों का पालन कराने के निर्देश दिए। बच्चों को आतिशबाजी बेचने और उसके इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतने को कहा। अग्निशमन, विद्युत सुरक्षा, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें निरीक्षण करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और सभी विक्रेता सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त दीपावली सुनिश्चित कराने में सहयोग करें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।