अनूपपुर, 27 अक्टूबर । जिला प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं को गांव में अध्ययन का बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए युवा रीडिंग हाल स्थापित करने का प्रयास सराहनीय है। ग्रामीण युवा इसका लाभ लेकर शैक्षणिक व प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकेंगे। शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।
यह बात मंगलवार को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह ग्राम पंचायत खांडा में युवा रीडिंग हॉल का शुभारंभ करते हुए कहीं। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि युवा इसका लाभ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं स्वाध्ययन प्राप्त करने में इसका उपयोग करें।
इस अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खांडा के प्राचार्य मुलायम सिंह परिहार, खंड पंचायत अधिकारी लखनलाल साकत, ग्रामीण जन, शिक्षक, सरपंच कमल सिंह, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, विद्यार्थी, युवा उपस्थित रहे।
ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को स्वाध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा अभिनव पहल की जा रही है। इसके तहत जिले के चारों जनपद पंचायत क्षेत्रों की 19 ग्राम पंचायतों में सुगम एवं सुविधाजनक स्थलों पर युवा रीडिंग हॉल (सुविधायुक्त सामुदायिक अध्ययन केंद्र हॉल) प्रारंभिक तौर पर बनाए गए हैं।
कलेक्टर रत्नाकर झा एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी के मार्गदर्शन में प्रारंभ किए जा रहे इन युवा रीडिंग हॉल का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करने के लिए शांत,सुविधाजनक एवं प्रेरणादायक वातावरण उपलब्ध कराना है।
युवा रीडिंग हॉल में विद्यार्थियों के व्यक्तिगत स्वाध्ययन एवं सामूहिक अध्ययन के लिए समुचित बैठक व्यवस्था के साथ पुस्तकालय, पेयजल, कम्प्यूटर सिस्टम सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन सुविधाओं से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अपने ही गांव में अध्ययन का बेहतर अवसर प्राप्त होगा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायता मिलेगी।
युवा रीडिंग हॉल के सुव्यवस्थित संचालन एवं व्यवस्थाओं के बेहतर प्रबंधन के लिए युवा स्टूडेंट क्लब का गठन भी किया जाएगा। इससे युवाओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित होने के साथ उनमें नेतृत्व क्षमता, सामूहिक उत्तरदायित्व एवं सहयोग की भावना विकसित होगी।
जिला प्रशासन की यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करने तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे विशेष रूप से उन युवाओं को लाभ मिलेगा, जिन्हें अध्ययन के लिए उपयुक्त स्थान एवं संसाधनों के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
