– परीक्षा में हो रही अनियमिताओं को लेकर विद्यार्थी परिषद ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन
झांसी,06 जून (हि.स.)। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय वर्तमान समय में विवादों के घेरे में अखाड़ा बना हुआ है। अभी कुलपति समेत कई प्रोफेसरों पर हुई पीआईएल का मामला शांत भी नहीं हुआ कि विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कराई जा रही परीक्षाओं पर अनगिनत सवाल खड़े किए जा रहे हैं। विश्व में छात्रों के सबसे बड़े छात्र संगठन ने इस पर चिंता जताई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद झांसी महानगर के बुंदेलखंड विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय के कुलपति को ज्ञापन सौपा गया। जिसमें परीक्षा में हो रही अनियमिताओं एवं समस्या के समाधान करने की मांग की गई।
कुलपति को दिए ज्ञापन में बताया कि प्रश्न पत्र में सेट संख्या, प्रश्न पुस्तिका क्रमांक तथा सील जो कि वैकल्पिक प्रश्न पत्र की शुचिता के लिए अत्यंत आवश्यक है, वह हटा दी गयी है। यह शासन के नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के मंशा के अनुरूप नहीं है। परीक्षा के दौरान छात्रों से प्रश्न पुस्तिका वापस ली जा रही है जो ना केवल औचित्यहीन है बल्कि परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्न भी है। परीक्षा के उपरांत प्रश्न पुस्तिका छात्रों को साथ ले जाने की अनुमति दिया जाना चाहिए।
कई छात्रों द्वारा अवगत कराया गया कि हिन्दी तथा अंग्रेज़ी संस्करण में अंतर है। बुंदेलखंड परिक्षेत्र में अधिकांश विद्यार्थी है जो अंग्रेज़ी रूपांतरण नहीं पढ़ते है। ऐसे सभी प्रश्नों को शून्य घोषित करें तथा छात्रों को एक समान अनुरूप एक अंक देने की व्यवस्था की जाये। एम ए अर्थशास्त्र, 4 सेमेस्टर, प्रश्नपत्र कोड 40843 में लगभग 37 प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर से है, जो अत्यंत गंभीर विषय है, इस विषय पर तत्काल जांच समिति गठित करके यथावश्यक कार्यवाही करके छात्रहित सुनिश्चित किया जाए। नोडल केन्द्रों से लगातार ऐसी सूचनाएं प्राप्त हो रही है कि प्रश्न-पत्रों के पैकेट में मुद्रित तिथि एवं समय त्रुटिपूर्ण है ऐसे में इस बात की प्रबल संभावनाएं है कि प्रश्नपत्रों के गलत वितरण से परीक्षा की शुचिता प्रभावित होगी। परीक्षा के उपरान्त सभी प्रश्न पत्रों की उत्तर कुंजी जारी की जाए तथा आपत्तियां आमंत्रित की जाएं, तदनुसार संशोधित अंतिम उत्तर कुंजी के आधार पर मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए।विभिन्न महाविद्यालयों से विद्यार्थियों का स्वास्थ्य गर्मी के कारण बिगड़ रहा है इस स्थिति में विद्यार्थियों के साथ किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
विगत दिनों से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के वाकिंग वूमेन हास्टल में शुद्ध पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे हास्टल में निवासरत शिक्षिकाओं व रिसर्च स्कॉलर्स को परेशानी का सामना करना पड़ा है, अतः पेयजल की व्यवस्था करनी चाहिए। नवीन परीक्षा भवन में स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण विद्यार्थियों को गर्मी में परेशान होना पड़ता है पेयजल न होने के कारण अगर किसी विद्यार्थी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हुई तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी अत: स्वच्छ पेय जल की पर्याप्त व्यवस्था की जाए।
ज्ञापन के बिंदुओ के संदर्भ में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यवाही करने तथा परीक्षा संबंधी सभी सुधार अगली सेमेस्टर परीक्षा से अनिवार्य रूप से लागू किए करने का आश्वासन दिया। शीघ्र ही उपरोक्त सभी बिंदुओं के समाधान एवं निराकरण संबंधी पत्र भी विश्वविद्यालय द्वारा जारी किया जाएगा। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कहा कि 3 दिन के अंदर परीक्षा संबंधी सभी समस्याओं का समाधान पत्र सहित निस्तारण जारी करें तथा ज्ञापन के सभी बिंदुओं पर कार्यवाही कर पत्र जारी करें।
इस दौरान विभाग संगठन मंत्री ज्ञानेंद्र राणा, महानगर मंत्री सुयश शुक्ला, जिला संयोजक हर्ष जैन, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय इकाई मंत्री निशेंद्र राजपूत, अमित पोकरखर, अमन यादव सहित आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे।