देवी आराधना का पर्व नवरात्रा संपन्न

देवी आराधना का पर्व नवरात्रा संपन्न

जोधपुर, 12 अक्टूबर (हि.स.)। देवी आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रा शनिवार को संपन्न हो गया। इस दौरान घरों व अन्य कई स्थानों पर घट स्थापित की गई दुर्गा मां की प्रतिमाओं का जैकारों के साथ जलसरोवरों में विसर्जन किया गया। महानवमी पर भी कई स्थानों पर कन्या पूजन किया गया। पूजन के बाद सभी कन्याओं को प्रसादी व उपहार भेंट किए गए। वहीं मेहरानगढ़ में चल रहे हवन की पूर्णाहुति की गई।

शारदीय नवरात्र पर अभिजीत काल में घट स्थापित की गई देवी मां की प्रतिमाओं को आज महानवमी पर जल सरोवरों में विसर्जन किया गया। इसके साथ ही नवरात्रा भी संपन्न हो गया। हालांकि इस बार तिथि की बढ़त होने के कारण महानवमी कल दोपहर में ही शुरू हो गई थी जो आज दोपहर तक रही। इसके बाद दशमी लग गई। महानवमी पर सुबह भक्तों ने शहर के देवी मंदिरों में दर्शन किए। यहां दिनभर पूजा अर्चना का दौर जारी रहा। नवरात्रा के व्रत का आखिरी दिन होने से महिलाओं में अधिक उत्साह नजर आया। बच्चे और पुरूष भी मंदिरों में दिखाई दिए। पूजा अर्चना के बाद प्रसादी का वितरण हुआ। इस अवसर पर देवी मंदिरों में कई धार्मिक अनुष्ठान भी हुए।

श्री चामुंडा मंदिर के पास उपासनालय कक्ष में शुक्रवार रात को शुरू हुए होमाष्टमी हवन की पूर्णाहुति शनिवार सुबह पूर्व नरेश गजसिंह और हेमलता राज्ये की ओर से की गई। मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के महाप्रबंधक जगत सिंह राठौड़ ने बताया कि श्री चामुण्डा मंदिर में शनिवार सुबह गजसिंह एवं हेमलता राज्ये द्वारा महाआरती की गई। साथ ही गज सिंह की तिलक आरती भी हुई।

महानवमी पर शहर के सभी देवी मंदिरों में आकर्षक फूल मंडली सजाई गई। माताजी का थान स्थित चामुंडा माता के मंदिर में सुबह से ही भीड़ पडनी शुरू हो गई थी। यहां रंग-बिरंगे फूलों से आकर्षक साज-सज्जा की गई। मेहरानगढ़ दुर्ग स्थित चामुंडा माता के मंदिर में भी नवरात्रा का अंतिम दिन होने से भक्तों की अन्य दिनों की अपेक्षा भीड़ अधिक थी। संतोषी माता के मंदिर में भी दर्शनों के लिए भक्तों की लाइन लगी रही। इसके अलावा उम्मेद उद्यान स्थित मंदिर में भी फूल मंडली सजाई गई।

बाबा रामदेव मंदिर में पूर्णारती

जुगल जोड़ी बाबा रामदेव मंदिर राइका बाग में सैनाचार्य स्वामी अचलानंदगिरी महाराज के सान्निध्य में चल रहे नवरात्रि महोत्सव की पूर्ण आरती शनिवार को सुबह हुई। सैैनाचार्य के प्रतिनिधि रघुवीर सिंह भदावत ने बताया कि नवरात्रि महापर्व में दुर्गा सप्तशती के 13 अध्याय पाठ विद्वान पंडित अंबालाल चौबीसा एवं राम प्रकाश त्रिपाठी द्वारा किए गए जिसमें प्रतिदिन हवन के सपत्नीक 21 जोड़ों ने हवन में आहुति दी। पूर्णाहुति में समाजसेवी माली देवी चौधरी, दिनेश बुगालिया, गणपत सिंह राजपुरोहित, महावीर सिंह घंटिया नरपत सिंह राजपुरोहित, एवी सिंह, मनोज, कानाराम रोपिया, धीरेंद्र सिंह चौहान, छोटू सिंह राठौड़, ओम दत्त, संत माधव दास, नरेंद्र पवार, नयन चौहान, श्याम बाबू, रमेश त्रिपाठी भोपाल सिंह, राहुल, गौरव सेन आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। वहीं झोपड़ी वाले बालाजी उपासक शंकर लाल महाराज के सानिध्य में भजन, प्रसादी व हवन के साथ नवरात्रि महोत्सव का समापन हुआ।