जालंधर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 100 पटाखा दुकानों पर छापा, दुकानदार नाराज!

पंजाब के जालंधर में सोमवार को सिटी पुलिस ने बर्ल्टन पार्क में एक बड़ी कार्रवाई की, जहां अवैध रूप से खोली गई पटाखों की दुकानों पर रेड की गई। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने न केवल दुकानों में रखे पटाखे जब्त किए, बल्कि कई दुकानदारों को भी हिरासत में लिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से पटाखा विक्रेताओं में भारी रोष देखा गया है, क्योंकि उन्होंने बर्ल्टन पार्क में अस्थायी मार्केट सजाई हुई थी। यह कार्रवाई उस समय की गई जब बर्ल्टन पार्क में पटाखों की बिक्री के लिए सिकुड़ते नियमों और प्रबंधन को लेकर पुलिस ने जांच-पड़ताल की।

इस जांच के दौरान सभी दुकानदारों के लाइसेंस की भी जांच की गई, लेकिन आकड़ों के अनुसार कुछ ही पटाखा विक्रेता ऐसे थे जो अपने पास लाइसेंस दिखा पाए। जिन विक्रेताओं के पास लाइसेंस नहीं थे, उनके रिकॉर्ड को पुलिस ने जब्त कर लिया। साथ ही, पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में पटाखा विक्रेताओं ने डीएवी फ्लाई ओवर को भी बंद कर दिया। इस चक्कार में लगभग आधे घंटे तक सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित रहा, जिसके बाद पुलिस ने किसी तरीके से दुकानदारों को समझाकर सड़क को खोलवा दिया।

जिला प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, शहर में केवल 20 पटाखा विक्रेताओं को ही लाइसेंस जारी किया गया था। लेकिन बर्ल्टन पार्क में एक बड़ी संख्या में, यानी कि 100 से ज्यादा दुकाने संचालित हो रही थीं। ये दुकाने 20 अलग-अलग ब्लॉकों में स्थापित की गई थीं, जिसमें प्रत्येक ब्लॉक में करीब पांच दुकानें थीं। जब पुलिस को इस धांधली का पता चला तो थाना डिवीजन नंबर-1 और एसीपी नॉर्थ अपनी पुलिस टीम के साथ कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंचे।

इस पूरी घटना ने एक बार फिर से यह सवाल खड़ा किया है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस किस तरह से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण पाने में सक्षम हैं। दुकानदारों की शिनाख्त और उनके लाइसेंसों की समीक्षा से यह स्पष्ट होता है कि नियमों के प्रति कोई सख्ती बरती जा रही है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भविष्य में इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए प्रशासन और पुलिस कोई ठोस कदम उठाते हैं या फिर यही स्थिति बनी रहती है।

जालंधर की इस घटना ने पटाखा व्यवसायियों की स्थिति पर भी असर डाला है, जिससे अनेक विक्रेताओं को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे मामलों में प्रशासन को शुद्धता के साथ-साथ विक्रेताओं के हितों का ध्यान रखना भी आवश्यक है, ताकि वे उचित तरीके से व्यवसाय कर सकें। पुलिस की कार्रवाई में जो भी विक्रेता सिरदर्दी में पड़े हैं, उनकी ओर से प्रशासन के खिलाफ आगे की प्रतिक्रिया देखने लायक होगी।