लुधियाना में अवैध खनन पर पुलिस की छापेमारी: रेत से भरा ट्रक बरामद, बच्चों की तबीयत खराब!

लुधियाना के न्यू गुरु नानक नगर क्षेत्र में स्थित सेंट्रल जेल के समीप अवैध रेत खनन तेजी से चल रहा है, जो स्थानीय निवासियों के जीवन को प्रभावित कर रहा है। हाल ही में, पुलिस ने रात के समय में खनन करने वालों पर छापेमारी की, लेकिन इस दौरान कई लोग मौके से फरार होने में सफल रहे। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया है कि वह इस गंभीर मामले की ओर ध्यान नहीं दे रहा है। परविंदर सिंह नामक एक निवासी ने बताया कि रात के समय भी खनन की गतिविधियां इतनी गंभीर हैं कि उनके परिवार को ठीक से सोने में कठिनाई हो रही है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बड़े-बड़े टिप्पर रेत खनन करने के लिए आते हैं, जो ऐशयानी पाइप लाइनों को भी क्षति पहुंचा देते हैं। घरों के अंदर मिट्टी और सीमेंट उड़ने के कारण खिलने वाले बच्चे बीमार हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों का मानना है कि यह सब किसी राजनीतिक व्यक्ति की मदद से हो रहा है। पुलिस प्रशासन ने इलाके में गश्त अवश्य की है, लेकिन माइनिंग करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे क्षेत्र में गड्ढों की समस्या उत्पन्न हुई है और पर्यावरण भी प्रदूषित हो रहा है।

एक निवासी राम जी, जो खुद माइनिंग में शामिल है, ने कहा कि उसे दीवाली तक खनन करने का निर्देश मिला था लेकिन अब वह अपने प्लॉट को खाली करने का मन बना रहा है। उसने यह भी स्पष्ट किया कि वह 1400 किलोमीटर की दूरी से यहां आया था और उसे नहीं पता था कि रेत खनन अवैध है। ASI दिलबाग सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें एक सप्ताह पहले इस अवैध गतिविधि की सूचना मिली थी और उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ राजीनामा करवा दिया था, लेकिन आज फिर से माइनिंग की जानकारी मिली जिसमें एक ट्रक रेत की बोरियों के साथ पकड़ा गया।

पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वे धरना देने का विचार कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल वहां के निवासियों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है बल्कि इलाके की स्थिरता और पर्यावरण संतुलन के लिए भी गंभीर चुनौती प्रस्तुत कर रही है। प्रशासन को चाहिए कि वह इस मुद्दे की गंभीरता को समझे और प्रभावी कदम उठाकर अवैध खनन पर रोक लगाए।