पंजाब में अग्रणी क्षेत्रीय राजनीतिक दल शिरोमणि अकाली दल के बागी गुट ने वरिष्ठ नेता बीबी जागीर कौर को शिरोमणि गुरु ग्रंथ साहिब प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के चुनाव में अपना उम्मीदवार बनाने का फैसला लिया है। आज जालंधर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बीबी जागीर कौर ने एसजीपीसी चुनाव प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा करते हुए शिरोमणि अकाली दल पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने एसजीपीसी को प्रभावी ढंग से संचालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया और stated किया कि वर्तमान में यह संस्था एक कंपनी के रूप में चलाई जा रही है, जिसके प्रमुख सुखबीर सिंह बादल हैं।
बीबी जागीर कौर ने कहा कि आज एसजीपीसी को एक परिवर्तन की आवश्यकता है। एसजीपीसी का संचालन करने के तरीकों में बदलाव आना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल का असली उद्देश्य समाप्त हो चुका है और इसकी पहचान धुंधली हो गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बेअदबी की घटनाएं पंथक सरकार के दौरान हुई थीं, जिसे आज सिख समुदाय हृदय से महसूस कर रहा है। सुरक्षा और मान-सम्मान के प्रति उनकी चिंताओं को लेकर बीबी ने स्पष्ट किया कि ऐसा प्रतीत होता है कि राजनीतिक इरादों के चलते श्री अकाल तख्त साहिब को खतरे में डाला गया है।
बीबी जागीर कौर ने कहा कि 2015 में डेरा प्रमुख राम रहीम को माफ किया जाना एक गंभीर मुद्दा है, जो केवल राजनीतिक कारणों से हुआ। इस निर्णय के चलते सिख समाज में काफी रोष उत्पन्न हुआ है और यह पंथक सरकार के प्रति असंतोष का कारण बना। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब का आज चैलेंज किया जाना चिंता की बात है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सुखबीर सिंह बादल की राजनीति को लेकर बीबी ने तीखे शब्दों में कहा कि एसजीपीसी का उम्मीदवार चुनावी प्रक्रिया के तहत नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव में खड़ा किया गया है। उन्होंने बताया कि पंथक सरकार के मंत्रियों ने केंद्रीय सरकार के मंत्रियों को खुश करने के लिए उनके खिलाफ फैसले लिए हैं, जिसने सिख समुदाय में नाराजगी बढ़ाई है।
इस बागी गुट की नेता के रूप में बीबी जागीर कौर का मानना है कि अब समय आ गया है कि एसजीपीसी में आवश्यक परिवर्तन लाए जाएं ताकि सिख समुदाय की अपार अपेक्षाओं को पूरा किया जा सके। उन्होंने सभी सिखों से अपील की कि वे इस दिशा में एकजुट हों और पंथक व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करें। उनका मानना है कि सिख समाज की भलाई के लिए प्रयास करना और सही दिशानिर्देश स्थापित करना आज की आवश्यकता है।