जीवन में सुख के लिए परमात्मा की भक्ति और संतोष करना चाहिए: डॉ निर्मलानंद महाराज
खूंटी, 20 अक्टूबर (हि.स.)। महर्षि मेंही आश्रम शांतिपुरी मुरहू में रविवार को विशेष सत्संग का आयोजन किया गया। सत्संग में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कुप्पाघाट भागलपुर आश्रम के स्वामी डॉ निर्मलानंदजी महाराज ने कहा कि जीवन क्षण भंगुर है। फिर भी लोग यहां स्थिर रहने के लिए तरह-तरह के उचित-अनुचित उपाय करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि सुचरित धर्म का आचरण करना चाहिए। दया, सेवा और दान से बढ़कर कुछ नहीं है।
सद्कर्म से सद्गति मिलती है। जीवन में सुख के लिए परमात्मा की भक्ति और संतोष करना चाहिए। सुपौल के स्वामी रामेश्वर जी महाराज ने कहा कि सदाचारी रहकर ईश्वर को सदा याद करना चाहिए और सत्संग के मार्ग पर चलना चाहिए। आश्रम के प्रभारी स्वामी लक्ष्मणजी महाराज ने कहा कि संतों के संग सत्संग दुर्लभ है, यह बड़े भाग्य से मिलता है। परोपकार करना, गुरु की सेवा करना तथा उनके बताए राह पर चलना अति उत्तम है। मौके पर विधायक प्रतिनिधि काशीनाथ महतो ने भी अपने सहयोगियों े साथ संतों का आशीष लिया। बिरसा मुंडा ने अपने बच्चे का अन्नप्राशन और सुनील गुप्ता ने अपनी माता की स्मृति में भंडारा लगाया। कार्यक्रम में डॉ डीएन तिवारी, संजय कुमार, जुरन मुंडा, सगुन दास, सूरजमल प्रसाद, सुनील रजक, बीरु कुमार, प्रिंस गुप्ता, कृष्णा प्रसाद सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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