बठिंडा के कोट शमीर رामा रोड पर एक दर्दनाक हादसे में स्कूल वैन की महिला कंडक्टर की जान चली गई। यह दुखद घटना मंगलवार को तब हुई, जब 45 से 50 वर्षीय राजविंदर कौर, जो बच्चों को स्कूल ले जाने के लिए वैन में सवार कर रही थी, अचानक वैन से गिर गई। वैन की खिड़की खुली हुई थी, जिसके कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिर गईं। इसके फलस्वरूप, वह वैन के पिछले टायर के नीचे आ गईं और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के तुरंत बाद, सड़क सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस घटनास्थल पर पहुँच गई। सहारा जन सेवा संस्था के कार्यकर्ता संदीप सिंह ने घटना की जानकारी दी, जिसमें बताया गया कि जब वे वहाँ पहुंचे, तो महिला सड़क के किनारे मृत थीं। यह अत्यंत दुःखद था कि राजविंदर कौर, जिनकी पहचान हुई, वे पाल सिंह की पत्नी थीं। डॉ. हर्षित गोयल, जो सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में कार्यरत हैं, ने भी पुष्टि की कि महिला का पैर फिसलने के चलते वह वैन के नीचे गईं और उनकी मृत्यु हो गई।
मृतका के हालात को देखते हुए, समाज सेवियों ने उनके शव को बठिंडा सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। इस घटना ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरी स्थानीय समुदाय को गहरे दुःख में डाल दिया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि दुर्घटना कैसे हुई और क्या कोई लापरवाही हुई थी।
इस प्रकार की घटनाएं किसी भी परिवार के लिए अकल्पनीय होती हैं, और इससे समाज में सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न उठ खड़े होते हैं। इसलिए, यह महत्वपूर्ण है कि हम इस तरह की घटनाओं से सीखे और स्कूल वैन में सीट बेल्ट जैसी सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाए। ये हादसे न केवल व्यक्तिगत रूप से प्रभावित करते हैं, बल्कि सामुदायिक स्तर पर भी सुरक्षा चिंताओं को जन्म देते हैं।
स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन को चाहिए कि वे ऐसीtragic घटना को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों से बचा जा सके। पुलिस की जांच से उम्मीद की जाती है कि जल्द ही इस मामले में निष्कर्ष निकाला जाएगा, जिससे जोखिमों को समझा जा सके और उचित सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकें।