जगराओं: कांग्रेस पार्षद पर धोखाधड़ी का आरोप, पार्टी बदलते ही 11 लाख ठगी का केस!

पंजाब के जगराओं के मुल्लापुर इलाके में एक विवादास्पद घटना सामने आई है, जिसमें आम आदमी पार्टी से हाल ही में कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए वार्ड नंबर 9 के पार्षद अमनदीप सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। थाना दाखा में दर्ज की गई एफआईआर के अनुसार, अमनदीप ने एक व्यक्ति से विदेश भेजने के नाम पर 11 लाख रुपये लिए, लेकिन न तो उसे विदेश भेजा गया और न ही पैसे वापस लौटाए गए। यह शिकायत उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद की गई, जिसमें अमनदीप ने कांग्रेस पार्टी जॉइन की थी। यह प्रेसवार्ता पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष राजा वड़िंग, मुल्लापुर के इंचार्ज कैप्टन संदीप संधू और पूर्व विधायक संजय तलवार की उपस्थिति में आयोजित की गई थी। अगले ही दिन उनके खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत पुलिस को सौंपी गई।

इस मामले में पुलिस की जांच डीएसपी वरिंदर सिंह खोसा द्वारा की जा रही है, जिन्होंने दो日前 अमनदीप को जांच के लिए बुलाया था। अमनदीप ने जांच के दौरान खुद को निर्दोष बताया। मुल्लापुर नगर परिषद में कांग्रेस के पार्षदों की संख्या अब बढ़कर नौ हो गई है, जो कि अमनदीप के कांग्रेस में शामिल होने और वार्ड नंबर 5 की बागी पार्षद तरसेम कौर मान के वापस लौटने के बाद संभव हुआ है। इससे कांग्रेस का प्रधानगी पर कब्जा लगभग तय माना जा रहा है।

कांग्रेस के नेता कैप्टन संदीप संधू ने उल्लेख किया कि अमनदीप पर 2013 में एक शिकायत की गई थी, जिसकी दो बार जांच हो चुकी है और हर बार वह शिकायत फाईल हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि एसएसपी देहात नवनीत सिंह बैंस भी इस मामले में शामिल हुए हैं, परंतु एसएसपी ने ऐसे मामलों की कोई जानकारी नहीं होने की बात कही है। संधू ने कहा कि अगर आम आदमी पार्टी के खिलाफ दिल्ली में नतीजे अनुकूल नहीं रहे तो ऐसे में आधे से ज्यादा अधिकारी खुद-ब-खुद बदल जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और नेताओं के लिए विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करना एक आम प्रथा बन गई है।

कांग्रेस पार्टी की ओर से आगे की रणनीति की योजना बनाई जा रही है। कैप्टन संदीप संधू ने कहा कि जांचाधीन मामलों में जमानत नहीं मिलती और कोर्ट में जाना पड़ता है। उनका विश्वास हाईकोर्ट और सेशन कोर्ट पर है, और उन्होंने यह आश्वासन दिया कि अमनदीप पर झूठे आरोपों के चलते किसी भी प्रकार की आंच नहीं आने दी जाएगी। कांग्रेस पार्टी इस मामले को उच्च न्यायालय में ले जाने का विचार कर रही है, और उन्होंने कहा कि यह स्पष्टीकरण देने की जिम्मेदारी पार्टी की होगी।

इस विवाद ने उन राजनीतिक खींचतान को भी उजागर किया है, जो पंजाब में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच चल रही हैं। यह मामला न केवल एक पार्षद के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप है, बल्कि यह राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की भी चिंता का विषय बन गया है, जिसमें आरोप-प्रत्यारोप का खेल मुख्य भूमिका निभा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मामले का क्या परिणाम निकलता है और कांग्रेस पार्टी इसकी राजनीतिक रणनीति किस दिशा में आगे बढ़ाएगी।