जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने पंजाब के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय सर्कल स्टाइल कबड्डी खिलाड़ी संदीप नांगल अंबिया के साथ गैंगस्टरों पुनीत जालंधर और नरिंदर लल्ली को कानूनी उत्पादन वारंट के तहत अदालत में पेश किया है। ये दोनों अभियुक्त पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में एक दर्जन से अधिक हत्याओं और अन्य गंभीर अपराधों में शामिल हैं। पुलिस ने इन दोनों को पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस की रिमांड समाप्त होने के बाद हिरासत में लिया है, और अब उनसे जिले में हुई तीन प्रमुख हत्याओं के संदर्भ में पूछताछ की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त परमजीत सिंह ने बताया कि आरोपियों को पूर्व पार्षद सुखमीत डिप्टी और व्यापारी टिंकू के हत्याकांड में रिमांड पर लिया गया है। ये दोनों अब तक कपूरथला जेल में थे, जहां से उन्हें पेश किया गया। इस संबंध में थाना डिवीजन नंबर-2 में हत्या का मामला दर्ज है, जिसके तहत जांच की जाएगी। सुखमीत डिप्टी हत्याकांड में पुनीत और नरिंदर से गहराई से पूछताछ की जाएगी, क्योंकि इस हत्या के पीछे के कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस का इरादा इस मामले में संलिप्त अन्य लोगों की पहचान करना भी है, जिसमें एक हिंदू नेता का नाम भी शामिल होने का दावा किया जा रहा है।
इससे पहले, पुलिस ने अमन नगर, जालंधर से पुनीत शर्मा उर्फ पुनीत जालंधर और प्रीत नगर, जालंधर से नरिंदर शर्मा उर्फ नरिंदर लल्ली को उनके चार अन्य साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। इन लोगों के पास से पुलिस ने छह विदेशी पिस्तौल और लगभग 40 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। पुनीत और नरिंदर की गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह दोनों कई जघन्य अपराधों में मुख्य भूमिका निभा चुके हैं।
पुलिस ने जानकारी दी कि पूर्व कांग्रेस पार्षद सुखमीत सिंह डिप्टी की हत्या 20 जून 2022 को हुई थी, जब इन आरोपियों ने विदेश में बैठे गैंगस्टर लकी पटियाल के निर्देश पर उन्हें गोली मारी थी। इसके बाद आरोपी फरार हो गए थे, जबकि पुलिस ने पहले से ही गैंगस्टर कौशल चौधरी के मुख्य शूटर विकास महले समेत कई अन्य को गिरफ्तार कर लिया है। दो अन्य प्रमुख हत्याओं का मामला, जिसमें कारोबारी गुरमीत सिंह टिंकू की 6 मार्च 2021 को सोढ़ल के पास गोली मारकर हत्या शामिल है, भी इन्हीं गैंगस्टरों से जुड़ा हुआ है।
इस पूरे मामले में पुलिस की कोशिश है कि गैंगस्टर पुनीत और नरिंदर से अधिक जानकारी प्राप्त कर इन जघन्य अपराधों की सच्चाई सामने लाई जाए। इस प्रकार की अपराधियों की संलिप्तता और उनके गिरोह के कार्यों पर कानूनी कार्रवाई एक बड़ी चुनौती साबित हो रही है, लेकिन पुलिस का इरादा इस दिशा में ठोस कदम उठाने का है।