सजायाफ्ता लोगों के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र व अन्य को नोटिस

सजायाफ्ता लोगों के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध की मांग पर सुप्रीम कोर्ट का केंद्र व अन्य को नोटिस

नई दिल्ली, 10 फरवरी (हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने सजायाफ्ता लोगों के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली याचिका पर केंद्र और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। जस्टिस दीपांकर दत्ता की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र और निर्वाचन आयोग को तीन हफ्ते में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 मार्च को होगी।

याचिका वकील और भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय ने दायर की है। ये याचिका 2016 से लंबित है लेकिन अभी तक केंद्र सरकार ने इस पर अपना रुख साफ नहीं किया है।

सुप्रीम कोर्ट की ओर नियुक्त एमिकस क्यूरी ने अपनी रिपोर्ट में दोषी करार दिए गए राजनेताओं के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाए जाने का समर्थन किया है। अभी जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के मुताबिक सजा की अवधि पूरी होने के बाद अगले 6 साल तक चुनाव लड़ने पर ही रोक है। याचिका में इस प्रावधान को चुनौती देते हुए मांग की है कि ऐसे सजायाफ्ता कैदियों के चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध होना चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार /संजय

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