“क्यों ‘नैतिकता और सत्यनिष्ठा’ पर हुई इस कार्यशाला की चर्चा हर जगह हो रही है?”

अमृतसर | भारतीय विद्या भवन एसएल पब्लिक स्कूल में 17 और 18 मार्च को सीबीएसई द्वारा ‘क्षमता निर्माण कार्यशाला’ का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का संचालन अध्यक्ष अविनाश महेंद्र, निदेशक डॉ. अनीता भल्ला और प्राचार्या सोनिया सहदेव के मार्गदर्शन में हुआ। इसमें कुल 52 शिक्षकों ने भाग लिया, जिन्होंने ‘नैतिकता और सत्यनिष्ठा’ जैसे महत्वपूर्ण विषय पर दो दिवसीय सत्र में अपनी भागीदारी दिखाई।

कार्यशाला का प्रारंभ राजविंदर पाल और डॉ. अशमत अब्रोल द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके बाद सभी ने एकजुट होकर इस आयोजन को सफल बनाने के लिए संकल्प किया। इस विशेष अवसर पर स्कूल प्रबंधन ने दोनों विशेषज्ञों का स्नेहपूर्वक स्वागत किया व उन्हें उपहार भेंट किए। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को नैतिकता और सत्यनिष्ठा के महत्व के प्रति जागरूक करना था, ताकि वे अपने विद्यार्थियों में भी इन गुणों को विकसित कर सकें।

इस कार्यशाला में शिक्षकों ने विभिन्न विचार-विमर्श किए और एक-दूसरे के अनुभवों से लाभ उठाया। कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई, जैसे कि शिक्षामित्रों का नैतिक दायित्व, सत्यनिष्ठा का मूल्य और समाज में शिक्षकों की भूमिका। इन सत्रों के दौरान, प्रतिभागियों ने अपने विचार साझा किए और नई तकनीकों एवं दृष्टिकोणों को अपनाने के तरीकों पर विचार विमर्श किया।

कार्यशाला का अंत राष्ट्रगान के साथ किया गया, जो इस कार्यक्रम की गंभीरता और महत्व को और बढ़ाता है। यह न केवल शिक्षकों के लिए एक सशक्तिकरण का माध्यम था, बल्कि यह विद्यालय के शैक्षणिक माहौल को भी सकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा। इस पहल ने शिक्षकों के बीच संवाद और सहयोग की भावना को मजबूत किया, जिससे उन्हें अपने छात्रों को नैतिकता और सत्यनिष्ठा के मूल्यों का पाठ पढ़ाने में मदद मिलेगी।

समाज में नैतिकता और सत्यनिष्ठा का महत्वपूर्ण स्थान है, और इस प्रकार की कार्यशालाएँ शिक्षकों के लिए आवश्यक हैं, ताकि वे भविष्य में बेहतर मार्गदर्शन कर सकें। इस कार्यक्रम के माध्यम से, स्कूल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा केवल ज्ञान देने का साधन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और नैतिक मूल्यों के विकास में भी सहायता करती है।