पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही मुहिम के संदर्भ में आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने नशे के कारोबारियों के घर गिराने की प्रक्रिया पर अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए कहा, “अगर कोई नशा बेचता है तो उसके घर को तोड़ना सही नहीं है।” उनके अनुसार, घर तोड़ने का निर्णय उचित नहीं है, क्योंकि हर व्यक्ति को रहने की जगह प्राप्त करने का अधिकार है। हरभजन सिंह, जो मूलतः जालंधर के हैं, ने इस पर जोर देते हुए कहा कि “यदि घर किसी ने अपनी मेहनत से बनाया है तो उसे रहने दिया जाना चाहिए।”
पंजाब सरकार ने नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है, जिसमें हाल के दिनों में कई तस्करों के घरों को बुलडोजर से तोड़ा गया है। इस संबंध में चार मंत्रियों का एक पैनल भी गठित किया गया है, जिसकी अगुवाई आम आदमी पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा कर रहे हैं। पिछले एक महीने में, करीब 60 से अधिक तस्करों के घरों पर कार्रवाई की गई है।
हरभजन सिंह ने इस कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका का भी उल्लेख किया, जिसमें बताया गया कि नशा तस्करों की संपत्ति को जब्त करना उचित है लेकिन उसे धवस्त करना उचित नहीं है। इस तरह की कार्रवाई को सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ भी बताया गया है। हरभजन ने सरकार से अपील की है कि ऐसे मामलों में अधिक संवेदनशीलता और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है।
आम आदमी पार्टी के इस अभियान का उद्देश्य नशे के खिलाफ एक सशक्त संदेश देना है, लेकिन हरभजन सिंह का मानना है कि किसी के घर को तोड़ना समाधान नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मुद्दे को समझेगी और समुचित कदम उठाएगी ताकि किसी भी व्यक्ति का अधिकार नहीं छिना जाए। यह आंदोलन समाज में एक नई चेतना लाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यह आवश्यक है कि इसे लागू करते समय मानवता का ध्यान रखा जाए।
इस प्रकार, हरभजन सिंह का बयान न केवल एक राजनीतिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है, बल्कि यह समाज में एक सकारात्मक परिवर्तन लाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है। उनके विचार इस दिशा में महत्वपूर्ण हो सकते हैं कि सरकार को नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते समय मानवीय पहलुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए।