फर्जीवाड़ा: एसबीआई से मरे व्यक्ति ने निकाले 13 हजार

फर्जीवाड़ा: एसबीआई से मरे व्यक्ति ने निकाले 13 हजार

पलामू, 5 मई (हि.स.)। जिले के सतबरवा प्रखंड मुख्यालय स्थित भारतीय स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा सतबरवा में फर्जीवाड़ा करके पैसे निकालने का अजीबोगरीब मामला सोमवार को प्रकाश में आया है। नौ माह पहले मृत व्यक्ति ने अपने खाते से खुद रुपये निकाल लिया है। सूचना के बाद बैंक में हड़कंप मच गया है।

मृतक की पत्नी ने सतबरवा थाना पुलिस को आवेदन दिया है। थाना प्रभारी विश्वनाथ कुमार राणा ने बताया कि पुलिस जांच पड़ताल करने में जुटी हुई है। पत्नी सहोदरी देवी ने सोमवार को बताया कि उसके पति विश्वनाथ मोची का देहांत 14 जून 2024 को हो गया है। एसबीआई शाखा में रुपये जमा होने की जानकारी मिली। बगल के गांव के एक व्यक्ति को पासबुक दिया, उसने ताबर गांव के सीएसपी बैंक संचालक को पासबुक देते हुए कहा कि उसके पति की मौत हो गई है। प्रक्रिया कराने के बाद आश्रित को पैसा दिलाने की पहल करे।

पत्नी ने बताया कि 27 मार्च 2025 को मेरे पति के खाते से खुद (सेल्फ) 13000 निकासी कर ली गई। इसके कारण हम इधर-उधर भटकते चल रहे हैं।

इधर, सीएसपी संचालक ने बताया कि बैंक गार्ड डालटनगंज से हर रोज आते हैं। उन्हें पासबुक में नॉमिनी का एफिडेविट कराने के लिए दिया था। 15 दिन रखने के बाद गार्ड ने पासबुक लौटा दिया। कहा कि पैसे की निकासी नहीं हो पाएगी।

इधर, पासबुक अपडेट करने के दौरान पता चला कि एसबीआई के खाते से पैसे की निकासी पासबुक लौटाने के दौरान कर ली गई। बताया गया कि ग्राम मानासोती के विश्वनाथ मोची (मृतक) का एसबीआई शाखा सतबरवा में खाता संख्या 319488945.. है तथा आधारकार्ड संख्या 65913870 55.. है।

इधर, मामले की जानकारी मिलने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष मेघनाथ राम, वरिष्ठ नेता सरवन गुप्ता, बाबू खान समेत कई लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और आरबीआई को पत्र लिखा है, जिसमें आए दिन बैंक में हो रही धांधली और ग्राहकों से किए जा रहे अभद्र व्यवहार की जानकारी दी है। नेताओं ने फर्जीवाड़ा करने वाले बैंक अधिकारी तथा उसके संरक्षक को बर्खास्त करके कार्रवाई करने का आग्रह भी किया है।

एसबीआई सतबरवा शाखा प्रबंधक मनीष प्रसाद ने बताया पासबुक किसी दूसरे व्यक्ति को दिया गया था, जिसने फर्जीवाड़ा करके पैसा की निकासी कर ली। पुलिस के पास मामला पहुंचा है। जांच करके दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।

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