पूर्व सैनिक का दावा: “ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद बॉर्डर पर जाने को तैयार!”

हाल ही में भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सफलता ने देशवासियों में गर्व का भाव भर दिया है। वहीं, जो पूर्व सैनिक सीमा पर कई वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं, वे भी इस सफलता से प्रेरित होकर उत्साहित हैं। उनका मानना है कि भारत को अब पाक अधिकृत कश्मीर (POK) को वापस लेने में कोई समय नहीं गंवाना चाहिए। इन पूर्व सैनिकों का कहना है कि यह एक महत्वपूर्ण अवसर है जब आतंकवादियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जा सकती है। मोतीझील स्थित कारगिल पार्क में मौजूद सैनिकों ने कहा कि अगर उनके मुख्यालय की ओर से कॉल आएगा, तो वे तुरंत कूच करने के लिए तैयार हैं।

पूर्व लांसनायक अरविंद सिंह ने इस ऑपरेशन को ओपी पराक्रम के बाद की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि संसद हमले के बाद, भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम उनकी अपेक्षाओं से कहीं बड़े हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अक्सर घुसपैठिए छोटी टुकड़ियों में सीमा पार करते हैं और उनसे होने वाली मुठभेड़ें अक्सर जंगलों में होती हैं। अरविंद ने कहा कि यह समय है कि हम कड़ी कार्रवाई करें और आतंकियों को सख्त सजा दें।

पूर्व सैनिक बलवान सिंह का कथन है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। पुलवामा हमले के बाद से वे इस तरह की जवाबी कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे थे। उन्होंने पर्वत इलाके में भारतीय सेना द्वारा की गई कार्रवाई की प्रशंसा की और कहा कि हम सभी पूर्व सैनिक जरूरत पड़ने पर सीमा पर लड़ाई के लिए तैयार हैं।

एक्स आर्मी मैन बंसत लाल ने अपनी तैनाती के समय का अनुभव साझा करते हुए बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान उनकी स्थिति कितनी चुनौतीपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि जब सीमा पर लगातार गोलीबारी होती है, तो सैनिकों का जोश और बढ़ जाता है। उनकी कहानियों से स्पष्ट होता है कि भारतीय जवान कभी भी अपने देश की रक्षा के लिए तैयार रहते हैं।

पूर्व लांसनायक सुरेश चंद्र यादव ने कहा कि अब पाक अधिकृत कश्मीर को वापस लेना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सही रणनीति अपनाई जाए, तो हमारी सेना 24 घंटे के भीतर पीओके पर कब्जा कर सकती है। उन्होंने सरकार से अपील की कि उन्हें आतंकवादी ठिकानों का ख़ात्मा करना चाहिए ताकि क्षेत्र के आम लोग आतंकी गतिविधियों से मुक्त हो सकें।

अंत में, एक्स आर्मी मैन अमर सिंह ने अपनी सेवाओं के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने देश की रक्षा के लिए कई चेहरे दिखाए हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान के आतंकियों को कड़ा जवाब देना आवश्यक है। उनका कहना है कि बार-बार मरने से बेहतर है कि एक बार में आतंकियों का सफाया किया जाए। अमर ने अपनी तत्परता जाहिर करते हुए कहा कि यदि मौका मिला, तो वे फिर से युद्ध में जाने के लिए तैयार हैं और अपने प्राणों को देश पर कुर्बान करने में संकोच नहीं करेंगे।

इन सभी पूर्व सैनिकों के विचारों से स्पष्ट है कि वे भारत की सुरक्षा के प्रति अपार लगन और समर्पण रखते हैं, और उनका यह उत्साह निश्चित रूप से एक प्रेरणा स्रोत है।