हरियाणा और पंजाब के शराब ठेकों पर लूट करने का एक नया गिरोह गोवा में सक्रिय रूप से अपनी योजनाएं बना रहा था। इस गिरोह का modus operandi रात के समय शराब ठेकों पर एकल ग्राहकों को अपना निशाना बनाना था। आरोपियों ने ठेके के अंदर घुसकर बिना सोचे-समझे व्यक्ति पर हमला किया, उन्हें मारकर उनके हाथ-पांव बांध दिए, और इसके बाद लूटपाट कर फरार हो गए। कुरुक्षेत्र की CIA-2 टीम ने इस गिरोह की पहचान की और उनके तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया, जबकि दो अन्य अभी भी फरार हैं।
CIA-2 की रिपोर्ट के अनुसार, इस गिरोह के सरगना कुलवंत शर्मा उर्फ बंटी ने लगभग छह महीने पहले विदेश से वापसी की थी। बंटी पहले से एक शराब के खुर्दा का व्यापार कर रहा था, लेकिन विदेश से लौटने के बाद उसके पास पैसे की कमी हो गई। इस कमी को पूरा करने के लिए उसने ठेकों से शराब चुराने की योजना बनाई और अपने भांजे यशल शर्मा उर्फ यश और भतीजे विकल्प उर्फ मोनू को भी इस योजना में शामिल कर लिया। बंटी इन लोगों के साथ गोवा गया, जहां उसने इस लूट की पूरी योजना बनाई और फिर करनाल और यमुनानगर में कई वारदातें अंजाम दीं।
आपको बता दें कि इन लूट की घटनाओं में गिरोह ने गन प्वाइंट का भी सहारा लिया। करनाल और यमुनानगर में उन्होंने ठेकों पर हमले किए, इसके बाद कुरुक्षेत्र के पिहोवा में भी एक ठेके पर लूट की घटना को अंजाम दिया, जिसके बाद पुलिस ने अंततः आरोपियों को पकड़ लिया। CIA-2 के इंचार्ज मोहन लाल ने बताया कि गिरोह ने वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी सिरसा से चोरी की थी। इस गाड़ी को हासिल करने के लिए उन्होंने एक व्यक्ति को विदेश भेजने का लोभ दिया था। इसके चलते पीड़ित ने उन्हें गाड़ी और कुछ कैश सौंप दिया।
गिरोह की धरपकड़ के लिए सीआईए ने घटनास्थल के आस-पास के CCTV फुटेज की गहन जांच की और गाड़ी के नंबर को ट्रेस कर लिया। मोबाइल की लोकेशन और डंप के डेटा के सहारे जाल बिछाया गया, जिससे कर्मचारियों को आरोपियों का पता लगाने में मदद मिली। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से मौके पर उपयोग की गई गाड़ी, डंडे, 38 पेटी देसी-अंग्रेजी शराब, 4 पेटी बीयर, और 3000 रुपये भी बरामद किए गए हैं। वर्तमान में सभी आरोपी रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ की जा रही है।
यह मामला न केवल राज्य की सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता को उजागर करता है, बल्कि हमारे समाज में अपराधियों की सक्रियता के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है। पुलिस की तत्परता से आगे बढ़ते हुए, उम्मीद है कि अब ऐसे आपराधिक गिरोहों पर काबू पाया जा सकेगा और समाज में शांति बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।