पन्ना टाइगर रिजर्व में सर्वाधिक 21 संतान पैदा करने वाली पहली बाघिन टी-2

पन्ना टाइगर रिजर्व में सर्वाधिक 21 संतान पैदा करने वाली पहली बाघिन टी-2

पन्‍ना, 9 जून (हि.स.)। गत माह उत्तर वन मंडल क्षेत्र में मृत अवस्था में पाई गई 19 वर्षीय बाघिन टी-2 जो कि बाघ पुनर्स्थापना के समय लाई गई पहली बाघिन थी। जिसने सर्वाधिक 21 संतान पैदा करने के साथ ही उसकी 4 पीढ़ियों की 85 संताने पन्ना टाईगर रिजर्व सहित देश के विभिन्न टाईगर रिजर्व में मौजूद रहकर वंशवृद्धि की ओर लगातार अग्रसर हैं।

फील्ड डायरेक्टर पन्ना टाईगर श्रीमती अर्चना सुचिता तिर्की से हासिल जानकारी के अनुसार वर्ष 2008 में पन्ना टाइगर रिजर्व से बाघों के विलुप्त हो जाने पर पन्ना टाईगर रिजर्व में बाघ पुनर्स्थापना योजना वर्ष 2009 में प्रारम्भ की गई, जिसके अन्तर्गत प्रथम बाघ के रूप में बाघिन टी-01 बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से 04 मार्च 2009 को लाई गई, इसी तारतम्य में 09 मार्च 2009 को बाघिन टी-02 कान्हा टाइगर रिजर्व से एयर फोर्स के विमान द्वारा पन्ना टाईगर रिजर्व में लाई गई थी।

बाघिन टी- 02 को सॉफ्ट रिलीज करने हेतु 02 से 03 दिवस बड़गड़ी में स्थित बाघ बाड़ा में रखा गया इसके उपरान्त बाघिन टी- 02 को स्वच्छंद विचरण करने हेतु छोड़ दिया गया। बाघिन टी-02 द्वारा पेंच टाइगर रिजर्व से लाये गये नर बाघ टी-03 के साथ प्रजनन कर 07 लिटर में संतानों को जन्म दिया गया। इस प्रकार से बाघिन टी-02 के द्वारा 07 लिटर में 21 संतानों को जन्म दिया गया एवं बाघिन टी-02 की चार पीढ़ीयों से कुल 85 संताने हैं।

अपने पूरे जीवनकाल में बाघिन टी- 02 का मूवमेन्ट पन्ना टाइगर रिजर्व अन्तर्गत परिक्षेत्र हिनौता, गहरीघाट, पन्ना कोर, मड़ला, पन्ना (गंगऊ) अभ्यारण्य एवं उत्तर वनमण्डल पन्ना के देवेन्द्रनगर वन परिक्षेत्र में रहा।

बाघिन टी- 02, फेज – प्ट कैमरा ट्रेप वर्ष 2023-24 में पन्ना टाइगर रिजर्व अन्तर्गत परिक्षेत्र हिनौता में केप्चर्ड हुई थी। बाघिन टी-2 की संतानें सतपुडा, सजंय टाईगर रिजर्व, बांधवगढ़ एवं माधव राष्ट्रीय उद्यान मे भी मौजूदः- फील्ड डायरेक्टर श्रीमती तिर्की ने बताया कि बाघिन के शावक पी – 211 सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, पी- 212 संजय टाइगर रिजर्व, पी- 242 रानीपुर वाइल्ड लाइफ सेन्चुरी, पी- 262 चित्रकूट के जंगल में, पी-213 ( 21 ) बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, पी-213 (22) सतना फॉरेस्ट डिवीजन (चित्रकूट), पी- 213 (23) सतपुड़ा टाइगर रिजर्व, पी-213 (33) संजय टाइगर रिजर्व सीधी, पी-234-23 ( 22 ) माधव नेशनल पार्क, शिवपुरी एवं पी-221, पी-231, पी-232, पी-261 पन्ना लेण्डस्केप में स्वच्छंद – रूप से विचरण कर रहे हैं। बाघिन टी-02 ने प०टा०रि० के बाघ पुनर्स्थापना योजना अन्तर्गत बाघों के कुनबा बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। बाघिन टी-02 की मृत्यु दिनांक 28 मई को वन परिक्षेत्र देवेन्द्रनगर, उत्तर वनमण्डल पन्ना में हुई थी। बाघिन टी- 02 द्वारा लगभग 19 वर्ष की आयु पूर्ण की गई, जो किसी भी फ्री रेन्जिंग बाघों की अधिकतम आयु में से एक है। पन्ना टाईगर रिजर्व पार्क प्रबंधन टी -02 के योगदान को कभी नही भूल पायेगा।