जिले में पुलिस का साइबर अपराधों के विरुद्ध जनजागरूकता अभियान तेज, दी जा रही ऑनलाइन ठगी से बचाव की जानकारी

इसी क्रम में आज सोमवार को एसडीओपी खरसिया प्रभात पटेल के नेतृत्व में ग्राम सेन्द्रीपाली में जनचौपाल आयोजित की गई। चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने के साथ-साथ एसडीओपी ने उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के सरल उपाय बताए और कहा कि जागरूकता ही इन अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।

कार्यक्रम में अधिकारियों ने वार्डवासियों को बताया कि साइबर अपराधी फर्जी लिंक, ऑफर या कॉल के माध्यम से ठगी करते हैं, इसलिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ओटीपी, बैंकिंग विवरण या व्यक्तिगत जानकारी किसी को साझा न करें। उन्होंने यह भी बताया कि किसी प्रकार की ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।

थाना जूटमिल क्षेत्र में निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में वार्ड क्रमांक 34 सराईभद्दर में साइबर जनजागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम में निरीक्षक प्रशांत राव तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह ने उपस्थित नागरिकों को साइबर अपराधियों की नई ठगी तकनीकों के बारे में बताया। उन्होंने भारत सरकार द्वारा विकसित “संचार साथी” ऐप की जानकारी देते हुए कहा कि इस ऐप के माध्यम से संदिग्ध नंबर, कॉल या ठगी से संबंधित जानकारी तुरंत दर्ज की जा सकती है। साथ ही उन्होंने नागरिकों को मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजेक्शन करते समय अत्यधिक सतर्क रहने तथा बच्चों को बैंकिंग ऐप्स से दूर रखने की सलाह दी।

चक्रधरनगर पुलिस द्वारा बोइरदादर आईटीआई कॉलोनी में भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने वार्डवासियों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए और जागरूकता संबंधी पंपलेट का वितरण कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की अपील की।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध लिंक, ऑफर या अज्ञात कॉल पर विश्वास न करें। ओटीपी, बैंक खाता नंबर, एटीएम पिन या यूपीआई जानकारी किसी से साझा न करें। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी पोस्ट करने से बचें और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पोर्टल या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।